प्राइवेट स्कूलों की महिला टीचर्स को कोर्ट ने दी बड़ी राहत! अब दी जाएगी सरकारी स्कूलों वाली ये जबरदस्त सुविधा

Child Care Leave: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों की महिला शिक्षिकाओं को भी चाइल्ड केयर लीव का अधिकार दिया है. अब वे सरकारी कर्मचारियों की तरह 730 दिन तक CCL का लाभ ले सकेंगी.

Child Care Leave For Delhi Private School Teachers

प्राइवेट स्कूलों की महिला टीचर्स के लिए बड़ी खुशखबरी!

Child Care Leave: दिल्ली हाईकोर्ट ने कामकाजी महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करते हुए एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि अब निजी स्कूलों में पढ़ाने वाली महिला शिक्षिकाएं भी चाइल्ड केयर लीव यानी CCL की हकदार होंगी. अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों की महिला कर्मचारियों को मिलती थी, लेकिन अदालत के इस फैसले के बाद हजारों निजी स्कूल शिक्षिकाओं को भी इसका लाभ मिलेगा. इस फैसले को महिला कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है.

विज्ञापन

हाईकोर्ट ने पलटा पुराना फैसला

यह फैसला चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने सुनाया है. अदालत ने इस मामले में पहले दिए गए सिंगल जज बेंच के फैसले को पलट दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी देना महिलाओं के समानता के मौलिक अधिकार से जुड़ा हुआ है. किसी भी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल को अपनी महिला कर्मचारियों को इस जरूरी सुविधा से वंचित करने का अधिकार नहीं है. अदालत ने यह भी माना कि बच्चों की परवरिश और शिक्षा में मां की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है.

विज्ञापन

दिल्ली स्कूल शिक्षा नियमों का मिला सहारा

कोर्ट ने अपने फैसले का आधार दिल्ली स्कूल शिक्षा नियमों को बनाया है. नियम 111 के अनुसार निजी स्कूलों के कर्मचारियों को भी सरकारी स्कूलों के कर्मचारियों जैसी छुट्टियां और सुविधाएं मिलनी चाहिए. अदालत ने कहा कि जब नियमों में दोनों वर्गों के कर्मचारियों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया गया है, तो चाइल्ड केयर लीव के मामले में भी अलग व्यवस्था नहीं हो सकती. इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि निजी और सरकारी स्कूलों की महिला शिक्षिकाओं के अधिकार समान हैं.

विज्ञापन

क्या हैं चाइल्ड केयर लीव के नियम?

केंद्रीय सिविल सेवा अवकाश नियमों के अनुसार महिला कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल में कुल 730 दिन यानी दो वर्ष तक की चाइल्ड केयर लीव ले सकती हैं. यह सुविधा पहले दो बच्चों के पालन पोषण, पढ़ाई, परीक्षा या बीमारी के दौरान ली जा सकती है. एक बार में कम से कम 15 दिनों की छुट्टी लेना जरूरी होगा. साथ ही किसी कैलेंडर वर्ष में तीन बार से अधिक इस श्रेणी की छुट्टी नहीं ली जा सकेगी. हाईकोर्ट के इस फैसले से अब निजी स्कूलों में काम करने वाली हजारों महिला शिक्षिकाओं को अपने परिवार और करियर के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ