10000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाएगी दिल्ली सरकार, सत्य निकेतन हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

Delhi News: दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बल्डिंग गिरने के बाद कई छात्रों की मौत हो गई थी, जिसके बाद छात्रावास की मांग उठी थी. अब राज्य की सीएम रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि वो 10 हजार स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल बनाएगी.

Rekha Gupta Satya Niketan PTI ANI

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान (Photo-PTI and ANI)

10000 Hostels For Students In Delhi: दिल्ली सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद स्टूडेंट्स के लिए सरकारी आवासों की मांग बढ़ गई थी, इस बीच राज्य की सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को कहा कि उनकी सरकार 10000 छात्रों के लिए हॉस्टल की फैसिलिटी डेवलप करेगी. उन्होंने ‘एक्स’ पर शेयर किए गए एक वीडियो में कहा कि इसको लेकर संबंधित विभागों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं और इन छात्रावासों के लिए जगहों की भी पहचान कर ली गई है.

विज्ञापन

छात्रों को सुविधा देने की कोशिश

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार एक ऐसी नीति भी तैयार कर रही है जिससे हर साल बड़ी तादाद में दिल्ली आने वाले विद्यार्थियों के रहने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके. दिल्ली सरकार ने ये फैसला दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में 5 मंजिला पीजी बिल्डिंग के ढह जाने के बाद लिया है. इस हादसे में 5 छात्रों समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी.

विज्ञापन

यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को होगा फायदा

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हॉस्टल की ये फैसिलिटी छात्र और छात्राओं दोनों के लिए होगी तथा ये आवास दिल्ली के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए अवेलेबल होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने छात्रओं की सुरक्षा और किफायती आवास को ध्यान में रखते हुए 10,000 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास बनाने का फैसला किया है.’

विज्ञापन


छात्रों की बढ़ गई थी चिंता

दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग के गिरने के बाद, छात्रों के लिए सबसे बड़ी चिंता उन बिल्डिंग्स की सुरक्षा और मजबूती थी जिनका इस्तेमाल पीजी अकोमोडेशन और हॉस्टल के तौर पर किया जा रहा था. कई छात्र घनी आबादी वाले इलाकों में रहते हैं, जहां बिल्डिंग्स तक पहुंचने के रास्ते संकरे हो सकते हैं, कई मंजिलें हो सकती हैं और इमरजेंसी में बाहर निकलने के रास्ते सीमित हो सकते हैं.

मंजूरी को लेकर उठे थे सवाल


इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या ऐसी प्रॉपर्टीज के पास जरूरी स्ट्रक्चरल मंजूरी, आग से सुरक्षा के इंतजाम और इमरजेंसी में बाहर निकलने की सुविधाएं थीं. छात्र और उनके परिवार खासकर उन लोगों की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद थे जो बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर रह रहे थे. इस घटना ने रेगुलर इंस्पेक्शन और बिल्डिंग और सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ