मुख्य बिंदु
- दिल्ली ने SRDC का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ हेरिटेज रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IHRC) कर दिया है.
- दिल्ली-6 के चांदनी चौक के रीडेवलपमेंट को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी दी जाएगी.
- हेरिटेज कंजर्वेशन और मॉडर्न सिविक अपग्रेड का काम एक साथ किया जाएगा.
- इस प्लान में जामा मस्जिद, यमुना बाजार और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के आस-पास सुधार शामिल हैं.
- इतिहासकार, आर्किटेक्ट और कंजर्वेशन एक्सपर्ट्स इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग में मदद करेंगे.
Old Delhi Redevelopment Plan: दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के लिए एक बड़े पैमाने पर रीडेवलपमेंट और हेरिटेज कंजर्वेशन प्लान का ऐलान किया है. इसका मकसद इलाके की ऐतिहासिक पहचान को बचाए रखना और साथ ही सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना है. इस पहल के तहत, शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (SRDC) का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ हेरिटेज रीडेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (IHRC) कर दिया गया है, ताकि शहर के हिस्टॉरिकल एरियाज को महफूज रखने और उन्हें मॉडर्न बनाने में इसके बड़े रोल को दिखाया जा सके.
चांदनी चौक पर फोकस
कॉर्पोरेशन के एजीएम के दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को चांदनी चौक के रीडेवलपमेंट को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी देने का निर्देश दिया. ये प्लान दिल्ली के सबसे बिजी हेरिटेज एरियाज में से एक में पब्लिक फैसिलिटीज को अपग्रेड करने, बेहतर पार्किंग के बेहतर इंतेजाम करने, सैलानियों के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने और आने वाले लोगों के तजुर्बे को बेहतर बनाने पर फोक्सड है.
पुरानी इमारतों पर नजर
7 स्क्वायर किलोमीटर से ज्यादा इलाके में फैली और 350 साल से भी पुरानी पुरानी दिल्ली में कई हेरिटेज इमारतें हैं. इनमें यूनेस्क की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स, नेशनल लेवल पर संरक्षित स्मारक, राज्य सरकार की तरफ से संरक्षित इमारतें और सैकड़ों लोकल हेरिटेज साइट्स शामिल हैं. हर दिन हजारों स्थानीय निवासी, ट्रेडर्स, तीर्थयात्री और सैलानी इस इलाके में आते हैं.
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कब बनाया गया था प्लान?
रीडेवलपमेंट अथॉरिटी को मूल रूप से 2008 में ‘वॉल्ड सिटी’ में रीस्टोरेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की देखरेख के लिए बनाया गया था. हालांकि, कई सरकारी एजेंसियों, एक-दूसरे से टकराती जिम्मेदारियों, सीमित अधिकार और प्रोजेक्ट को लागू करने में देरी के कारण सालों तक प्रोग्रस स्लो रहा.
इलाके में सुधार की जरूरत
इसका नतीजा ये हुआ कि कई सिविक प्रॉब्लम्स अभी भी इस इलाके पर असर डाल रही हैं, जिनमें ट्रैफिक जाम, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, खराब सफाई के इंतेजाम, खराब ड्रेनेज, पुराने यूटिलिटी नेटवर्क, खराब सार्वजनिक शौचालय और खराब होती हेरिटेज इमारतें शामिल हैं. कई ऐतिहासिक हवेलियों को भी अनदेखी और बिना मंजूरी के किए गए ढांचागत बदलावों का नुकसान उठाना पड़ा है.
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एक्सपर्ट्स की मिलेगी मदद
दिल्ली सरकार के मुताबिक, नए नाम वाला कॉर्पोरेशन ऐतिहासिक स्मारकों को रिस्टोर करने, सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने, वेस्ट मैनेजमेंट को बेहतर बनाने, ट्रैफिक की आवाजाही को आसान बनाने और टूरिज्म को प्रमोट करने पर काम करेगा. फ्यूचर के प्रोजेक्ट्स को डिजाइन करने और लागू करने में इतिहासकार, कंजर्वेशन स्पेशलिस्ट, आर्किटेक्ट और अर्बन प्लानर्स जैसे एक्सपर्ट्स शामिल होंगे.
डीटेल्ड प्लान तैयार करने के निर्देश
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को यमुना बाजार में हनुमान मंदिर इलाके, जामा मस्जिद के आस-पास के इलाके और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के लिए डीटेल्ड रीडेवलपमेंट प्लान तैयार करने का भी निर्देश दिया. इन प्रोजेक्ट्स का मकसद इन इलाकों तक पहुंच को बेहतर बनाना, खूबसूरती बढ़ाना और आने वाले लोगों के लिए सुविधाएं बेहतर करना है.
टूरिस्ट असिस्टेंस रूम बनेगा
इसके अलावा चांदनी चौक में मौजूद ऐतिहासिक टाउन हॉल में किए जाने वाले काम में ज्यादा पर्यटकों को अट्रैक्ट करने के लिए बाजार की तरफ से एक खास एंट्री गेट बनाना भी शामिल होगा. जानकारी, सलाह और मदद देने के लिए एक टूरिस्ट असिस्टेंस कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा. इससे पुरानी दिल्ली को दुनिया भर में पहचाने जाने वाले हेरिटेज डेस्टिनेशन के तौर पर बदलने में मदद मिलेगी, साथ ही संरक्षण और आधुनिक शहरी विकास के बीच संतुलन भी बना रहेगा.
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की रीडेवलपमेंट प्लानिंग का मकसद पुरानी दिल्ली के रिच कल्चरल हैरिटेज को बचाना और साथ ही लंबे वक्त से चले आ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के चैलेंजज को हल करना है. हेरिटेज बहाली को आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, बेहतर साफ-सफाई और पर्यटन-केंद्रित विकास के साथ जोड़कर, ये पहल लोकल लोगों, बिजनेसमैन और टूरिस्ट्स सभी के एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाने की कोशिश करती है. अगर इसे सही ढंग से लागू किया जाए, तो ये प्रोजेक्ट भारत के सबसे ऐतिहासिक शहरी इलाकों में से एक में नई जान डाल सकता है, टूरिज्म को मजबूत कर सकता है और ये एनश्योर कर सकता है कि पुरानी दिल्ली एक लिविंग हेरिटेज जिले और एक मॉडर्न सिविक डेस्टिनेशन, दोनों बनी रहे.
शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम क्यों बदला गया?
किस इलाके पर रीडेवलपमेंट के लिए तुरंत फोकस जाएगा?
ये प्रोजेक्ट किन बड़ी परेशानियों को हल करेगा?
रीडेवलपमेंट प्लान में और कौन सी जगहें शामिल हैं?
रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग में कौन-कौन शामिल होगा?
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