अरविंद केजरीवाल सरकार का स्वतंत्रता दिवस पर गिफ्ट, जानकर झूम उठेंगे दिल्लीवाले
Edited By jp Yadav

Delhi Establishment Open 24 hours
Edited By jp Yadav

Delhi Establishment Open 24 hours
Delhi Establishment Open 24 hours: देश की राजधानी दिल्ली के लोगों को 77वें स्वतंत्रता दिवस पर आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से एक बड़ा तोहफा मिला है। इसके तहत अब दिल्ली में कई प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खोलने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद अब राजधानी में कुल 498 प्रतिष्ठान अब 24 घंटे खुले रहेंगे।
बताया जा रहा है कि इस फैसले से न केवल कारोबारियों और व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि इसका फायदा आम जनता को भी मिलेगा। इससे पहले उपराज्यपाल ने पिछले साल ही 314 प्रतिष्ठानों को खोलने के अलावा इसी वर्ष जून महीने में 155 प्रतिष्ठानों को खोलने की भी अनुमति दी थी। इस तरह अब कुल 498 प्रतिष्ठान दिल्ली में 24 घंटे खुले रहेंगे। इससे दिल्ली में नाइट लाइफ को भी बढ़ावा मिलेगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में 29 प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खोलने की अनुमति देने की फाइल उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के पास भेजी थी। काफी विचार-विमर्श करने के बाद एलजी ने सोमवार को दिल्ली में 29 अन्य प्रतिष्ठानों को भी अब 24 घंटे संचालित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
बताया जा रहा है कि जिन 29 और संस्थानों को दिल्ली में 24 घंटे खोलने की अनुमति दी गई है, उनमें होटल और रेस्तरां के अलावा, खानपान के सामान, प्रोविजनल स्टोर, रेडिमेड आइटम (कपड़ों की दुकानें) और डेरी उत्पाद भी शामिल हैं। जानकारों की मानें तो इन 29 प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खोलने की अनुमति मिलने के बाद रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, क्योंकि कामगारों की भी जरूरत पड़ेगी।
गौरतलब है कि दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार कई सालों से शहर में नाइट लाइफ को बढ़ावा देने की कवायद में जुटी है। इसके तहत कुछ चुनिंदा बार और रेस्तरां को देर रात तक खोलने की अनुमति भी दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाली समय में दिल्ली सरकार इसमें कुछ और ढील भी दे सकती है। इसका दोहरा फायदा मिलेगा। एक तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ऊपर से राजस्व में भी इजाफा होने के आसार हैं।
Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.
First published on:
Read more: About our editorial guidelines and standards here.