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दीपके-नेहा समेत 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में, कनॉट प्लेस में CJP के तिरंगा मार्च में क्या-क्या हुआ?

दिल्ली के कनॉट प्लेस में सीजेपी के तिरंगा मार्च को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहां पुलिस ने संयोजक अभिजीत दीपके और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत अब तक करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है. इलाके में धारा 163 लागू होने के बावजूद सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों और व्यापारियों के बीच जोरदार नारेबाजी देखने को मिली.

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दिल्ली के कनॉट प्लेस में सीजेपी के तिरंगा मार्च को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहां पुलिस ने संयोजक अभिजीत दीपके और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है. Credit: PTI

राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तिरंगा मार्च को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सेंट्रल पार्क में मार्च शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया. साथ ही ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत अब तक करीब 150 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इलाके में धारा 163 लागू होने के बावजूद भारी संख्या में समर्थक हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए. CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना या अनुरोध नहीं मिला है.

पुलिस ने लोगों को ‘फ्लैग कोड’ की याद दिलाते हुए राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान करने और नियमों के तहत ही तिरंगा फहराने की हिदायत दी है. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की तस्वीरें और निजी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों को चेतावनी देते हुए इसे कानूनन गलत और निजता का उल्लंघन बताया.

पुलिसकर्मियों की निजी जानकारी शेयर करने पर सख्त चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर और पीआरओ (PRO) राजीव रंजन ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी पुलिस अधिकारी या किसी सामान्य नागरिक की निजी जानकारी शेयर करना उनकी निजता का खुला उल्लंघन है. पुलिस के संज्ञान में आया है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की तस्वीरें और वीडियो अलग से निकाल रहे हैं और फिर उनकी निजी जानकारियां ऑनलाइन वायरल कर रहे हैं. पुलिस प्रवक्ता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यह पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी है. कानून का पालन कराना पुलिस का कर्तव्य है और इस तरह ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों को सोशल मीडिया पर निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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विपक्षी दलों का तीखा हमला, इमरजेंसी और तानाशाही के आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अघोषित इमरजेंसी” करार दिया है. वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुलिस की इस कार्रवाई को खुली “तानाशाही” बताया. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी दोनों नेताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि केंद्र सरकार को अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को तुरंत छोड़ना चाहिए. शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाना बंद करना होगा, क्योंकि इस तरह से आंदोलन को कुचलने की कोशिशें उसे और अधिक मजबूत बनाती हैं.

ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर उठाए सवाल

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने पर मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी कड़ा विरोध जताया है. राठी ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि एक अकेली लड़की को पकड़ने के लिए 50-50 पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए. उन्होंने केंद्र सरकार के इस रवैये की कड़ी आलोचना की. फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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घर से निकलते ही दीपके हिरासत में, 6 दिन में दूसरी बार कार्रवाई

सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए जैसे ही अपने घर से निकले, पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया. पिछले छह दिनों के भीतर दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है. इस कार्रवाई के बाद सीजेपी के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर दावा किया गया कि पुलिस उन्हें किसी अज्ञात जगह ले गई है. पार्टी ने कहा कि दीपके से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है और उन्हें अपने वकीलों से बातचीत करने की इजाजत भी नहीं दी जा रही है.

पालिका बाजार के व्यापारियों का विरोध और कोर्ट का रुख

अभिजीत दीपके की हिरासत के बाद सेंट्रल पार्क और पालिका बाजार के बाहर तनाव बढ़ गया. त्योहारी सीजन के बीच मार्च निकाले जाने से स्थानीय व्यापारी संघ बेहद नाराज है. व्यापारियों ने सीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया. व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के वक्त इस तरह के प्रदर्शन से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसको लेकर उन्होंने कोर्ट का रुख भी किया है.

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मंडी हाउस से लेकर सीपी तक प्रदर्शन, बसें रोकने की कोशिश

उधर मंडी हाउस के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे आइसा और वाम दलों के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. कनॉट प्लेस में जुटे सीजेपी समर्थकों को जब पुलिस बसों में भरकर ले जाने लगी, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बस को रोकने की भी कोशिश की. प्रदर्शनकारी टॉलस्टॉय मार्ग से जंतर-मंतर की ओर बढ़ते देखे गए. आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के ‘एक्स’ अकाउंट से दावा किया गया कि पुलिस उन्हें किसी अज्ञात जगह ले गई है, फोन छीन लिया गया है और यह कार्रवाई हिरासत नहीं बल्कि अपहरण जैसी है.

ट्रैफिक जाम और सियासी घमासान

शाम के वक्त दफ्तरों की छुट्टी के समय हुए इस प्रदर्शन के चलते कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल में जाम लग गया. पुलिस राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेटों के बाहर से भीड़ को हटाकर ट्रैफिक सुचारू कराने में जुटी रही.

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इस पूरी घटना पर आम आदमी पार्टी के संयोजक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह सरासर तानाशाही है. क्या देश में तिरंगा लहराना जुर्म है? अगर हम अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे? जिन्हें तिरंगे से दिक्कत है, वे पाकिस्तान चले जाएं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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