Delhi Car Blast: दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हुई है. इस धमाके ने राष्ट्रीय राजधानी को दहला दिया. इस ब्लास्ट के बाद से NIA, FSL, NSG, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और दिल्ली पुलिस सब मिल कर इस मामले की तह तक जाने की कवायद शुरू कर चुके हैं.

बीती रात (10 नवंबर को) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बयान में कहा था कि, 'इस हमले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले की तह तक जाएंगे.' वहीं, इस मामले में एक नया नाम सामने आया है शाहीन. फरीदाबाद से गिरफ्तार हुई शाहीन पेशे से डॉक्टर है और उसे ही आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' की महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' की भारत में कमान सौंपी गई थी.

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कौन है शाहीन?

दिल्ली कार ब्लास्ट में 'जैश-ए-मोहम्मद' और 'अंसार गजवत-उल-हिंद' से जुड़े 'सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल' का भी पर्दाफाश हुआ है. गिरफ्तार लेडी डॉक्टर शाहीन का 'जैश' से सीधे संबंधों का खुलासा हुआ है. दावा है कि लेडी डॉक्टर शाहीन 'जैश' की महिला विंग 'जमात उल मोमीनात' की इंडिया हेड का जिम्मा संभाल रही थी. उसका टारगेट ही यही था कि भारत में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आतंकी समूह में जोड़ा जाए.

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भारत में क्या कर रही थी शाहीन?

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, शाहीन को भारत में महिलाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और संगठन के लिए भर्ती करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. यह महिला विंग 'जैश' की नई रणनीति का हिस्सा है जिसमें युद्ध, प्रचार और फंडिंग जैसे कार्यों को शामिल किया जा रहा है. इस संगठन की अगुवाई पाकिस्तान में मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर कर रही है. सादिया का पति यूसुफ अजहर, 'कंधार हाईजैक' मामले में प्रमुख मास्टरमाइंड था.

'जैश-ए-मोहम्मद' ने महिलाओं को धार्मिक जिम्मेदारियों और जिहाद के नाम पर जोड़ने की योजना बनाई है, जिसमें उन्हें प्रशिक्षण देकर संगठन के मिशन में शामिल किया जाता है. भारत में भी शाहीन जैसे लोगों की मदद से ये नेटवर्क फैलाने की एक साजिश थी.

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मसूद अजहर की बहन ने सौंपी थी ये जिम्मेदारी

वहीं, खुफिया सूत्रों का कहना है कि शाहीन को यह मिशन सौंपने वाली कोई और नहीं बल्कि सादिया अजहर ही थी. जो 'जैश-ए-मोहम्मद' के संस्थापक मसूद अजहर की बहन है और पाकिस्तान में महिला विंग की चीफ भी मानी जाती है.

अब सुरक्षा एजेंसियां डॉ. शाहीन के डिजिटल नेटवर्क, सोशल मीडिया कनेक्शन और उसके सहयोगियों को भी ढूंढ रही हैं. यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि 'जैश' अब भारत में महिलाओं को आतंक के नए चेहरों के रूप में इस्तेमाल करने की भी साजिश रच रहा था.

ATS ने कब्जे में लिए डॉ. शाहीन के रिकॉर्ड

मिली जानकारी के अनुसार, ATS ने कानपुर मेडिकल कॉलेज से डॉ. शाहीन के रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं. बता दें कि शाहीन AK-47 के साथ फरीदाबाद से गिरफ्तार हुई थी. शाहीन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत थी. एटीएस ने मेडिकल कॉलेज से डॉ. शाहीन के सारे रिकार्ड्स अपने कब्जे में ले लिए हैं.

गौरतलब है कि डॉ. शाहीन का लोक सेवा आयोग से चयन हुआ था. साल 2009-2010 के बीच कन्नौज राजकीय मेडिकल कॉलेज में तबादला हुआ था. फिर साल 2013 में मेडिकल कॉलेज कानपुर से अचानक बिना सूचना के ही शाहीन लापता हो गई थी.

UPSC टॉपर थी शाहीन

मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. शाहीन का चयन लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से हुआ था. साल 2006 में उसे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रवक्ता के रूप में तैनात किया गया था. अपने कार्यकाल के दौरान वो एक मेहनती शिक्षिका थी. इसके बाद साल 2009 में उसका छह महीने के लिए कन्नौज मेडिकल कॉलेज में तबादला हुआ था. तबादले की अवधि पूरी होने के बाद वो कानपुर लौटी और अपनी सेवा जारी रखी. साल 2013 में वो अचानक लापता हो गई थी.