Delhi Car Blast What written JeM poster: दिल्ली में लाल किला के पास हुए विस्फोट से जुड़े जैश ए मोहम्मद (JeM) मॉड्यूल का पर्दाफाश करने में कुछ आपत्तिजनक पोस्टर्स ने अहम भूमिका निभाई. यह आपत्तिजनक पोस्टर 17 अक्टूबर को श्रीनगर के नौगाम में चिपकाए गए थे. इस मामले में 19 अक्टूबर 2025 को नौगाम पुलिस चौकी में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इन पोस्टरों में सुरक्षाबलों को लेकर निशाना बनाने की धमकी दी गई थी. कमांडर हंजला भाई के हवाले से लिखे गए इस पोस्टर में आपत्तिजनक बातें लिखी हुई थी, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया.
क्या था JeM के पोस्टर में?
पोस्टर के उपर 17 अक्टूबर 2025 की तारीख थी. कमांडर हंजला भाई के हवाले से लिखे गए इस पोस्टर में लिखा गया था कि अल्लाह आप पर शांति और आशीर्वाद बनाए रखे. मुझे आशा है कि आप सभी स्वस्थ और कुशल होंगे. लंबे समय से, हम कुछ लोगों को ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हुए देख रहे हैं जो शरिया की शिक्षाओं के विरुद्ध हैं इसलिए, हम आपको सलाह देते हैं कि आप तुरंत ऐसी गतिविधियों को रोकें. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो हम शरिया कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे. कुछ लोग ऐसे गलत कार्यों में समर्थन या सहयोग कर रहे हैं. हम उन्हें इस व्यवहार से बचने की चेतावनी भी देते हैं; अन्यथा, उन्हें भी परिणाम भुगतने होंगे. तैयार और सतर्क रहें, क्योंकि हम जानते हैं कि कुछ दुकानदार और अन्य लोग हमारे उद्देश्य के विरुद्ध खड़े लोगों को आश्रय और सहायता प्रदान कर रहे हैं. उनकी हरकतें हमारे काम में बाधा डालती हैं..
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इसके बाद की लाइनें आपत्तिजनक हैं, जिन्हें प्रकाशित नहीं किया जा रहा.
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पोस्टर को लेकर 19 अक्टूबर को दर्ज हुई प्राथमिकी
इन आपत्तिजनक पोस्टर्स को लेकर 19 अक्टूबर 2025 को नौगाम पुलिस चौकी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी को खंगाला तो नौगाम के ही अरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर उल अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद की पहचान हुई. पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की तो केस की परतें खुलनी शुरू हो गईं. 20 से 27 अक्टूबर, 2025 के बीच मौलवी इरफान अहमद वाघे को शोपियां से और ज़मीर अहमद को वाकुरा, गांदरबल से, 5 नवंबर को डॉक्टर अदील को सहारनपुर से, 7 नवंबर 2025 को एक AK-56 बंदूक और अन्य गोला-बारूद अनंतनाग अस्पताल में ज़ब्त किया.
सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे किया मॉडयूल का पर्दाफाश
पूछताछ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को इस मॉडयूल से जुड़े एक अन्य लोगों के बारे में सूचना मिली. फरीदाबाद के अल फला मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर मुज़म्मिल को पकड़ा गया, जिसकी निशानदेही पर और भी गिरफ्तारियां हुईं और बड़ी मात्रा में हथियार और बारूद भी ज़ब्त हुआ. 9 नवंबर को फरीदाबाद में मदरासी नामक व्यक्ति को घर से पकड़ा और 10 नवंबर को 2563 किलो वजनी विस्फोटकों की खेप फरीदाबाद के हफीज मोहम्मद इश्तियाक के घर से बरामद हुई. छापों के दौरान 358 किलो विस्फोटक सामग्री और डेटोनेटर/टाईमर इत्यादि भी ज़ब्त किये गए. इस प्रकार, इस पूरे मॉड्यूल के पास लगभग 3000 किलो के विस्फोटक पदार्थ और बम बनाने के अन्य उपकरणों को पकड़ा गया. इसी मॉडयूल से जुड़ा डॉक्टर उमर जो अलफला मेडिकल कॉलेज में ही कार्यरत था, एजेंसियों की दबिश के चलते भाग निकला. लाल किले में जिस कार में धमाका हुआ, आरोप है कि उसे इसी मॉडयूल का डॉक्टर उमर चला रहा था, ऐसा सीसीटीवी के आधार पर कहा जा रहा.