दिल्ली में जारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच व्यापारिक संगठनों ने कारोबार पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई है. भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BUVM) की दिल्ली प्रदेश इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर 31 जनवरी 2027 तक राजनीतिक प्रदर्शनों को स्थगित करने की अपील की है. व्यापारियों ने इसके पीछे त्योहारों, शादी सीजन और बाजारों में बढ़ती गतिविधियों का हवाला दिया है.
‘विरोध प्रदर्शन के अधिकार के खिलाफ नहीं’
व्यापार मंडल की ओर से तीनों नेताओं को भेजे गए पत्रों पर महासचिव हेमंत गुप्ता, राकेश यादव और प्रदीप गुप्ता के हस्ताक्षर हैं. संगठन ने स्पष्ट किया कि उसकी अपील किसी के लोकतांत्रिक अधिकार या विरोध प्रदर्शन के अधिकार के खिलाफ नहीं है. उसका कहना है कि इस समय बाजारों तक लोगों की पहुंच, रोजगार और माल की आवाजाही प्रभावित होने से व्यापारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी हो रही है.
त्योहार और शादी का सीजन व्यापारियों के लिए अहम
PM मोदी को लिखे पत्र में संगठन ने नवरात्र, दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और शादी-विवाह के सीजन का जिक्र किया है. व्यापार मंडल के मुताबिक, यह समय व्यापारियों, कर्मचारियों, ग्राहकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में बार-बार होने वाले प्रदर्शन, यातायात प्रतिबंध और सड़कें बंद होने से बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है.
चिट्ठी में दावा किया गया है कि कारोबारी गतिविधियों में रुकावट के कारण व्यापारियों को रोजाना करोड़ों रुपये तक के संभावित नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. संगठन ने यह भी कहा कि इसका असर दिहाड़ी मजदूरों और कर्मचारियों पर पड़ रहा है. कुछ कारोबारी प्रतिष्ठानों के लिए समय पर वेतन, किराया और अन्य वित्तीय देनदारियों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है.