Delhi BS 4 vehicles ban: राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को थामने के लिए 1 नवंबर से कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं. विंटर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत उन सभी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है जो BS-6 मानक पूरे नहीं करते हैं. इस प्रतिबंध के लागू होते ही दिल्ली की तमाम सीमाओं पर भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई है. प्रतिबंध के पहले दिन 2000 से अधिक वाहनों को सीमा से ही वापस लौटा दिया गया, जबकि नियमों की अनदेखी करने पर 250 से ज्यादा चालान काटे गए. पहले ही दिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए करीब 68.4 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला है. आज दूसरे दिन भी दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों द्वारा बॉर्डर्स पर सघन चेकिंग अभियान जारी है, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं.
गाजीपुर और DND पर गाड़ियां थमीं, एंबुलेंस भी फंसी
गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों का लंबा रेला लग गया है. जाम इतना गंभीर था कि एक एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही. वहीं डीएनडी (DND) पर नोएडा जाने वाली लेन पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं. हालांकि, नोएडा से दिल्ली आने वाली मुख्य लेन पर स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित रही, लेकिन यमुना पुल से सराय काले खां, आउटर रिंग रोड और उसकी सर्विस रोड तक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ.
चिल्ला और फरीदाबाद बॉर्डर पर भी सख्त पहरा
नोएडा सेक्टर-14A के पास चिल्ला बॉर्डर पर भी दिल्ली पुलिस हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच कर रही है. जिन गैर-बीएस 6 गाड़ियों को छूट नहीं है, उन्हें सीधे यू-टर्न कराकर वापस भेजा जा रहा है. यही हाल दिल्ली-फरीदाबाद और गुरुग्राम-दिल्ली सीमा का है, जहां सघन जांच के चलते सुबह से ही यातायात बेहद धीमा रहा और लोगों को सफर में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
दिल्ली में गैर BS-6 और BS-4 वाहनों की एंट्री पर क्यों लगा बैन?
सर्दियों की शुरुआत और दीवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ती देख सरकार ने यह सख्त फैसला लिया है. रोजाना नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से लाखों गाड़ियां दिल्ली में प्रवेश करती हैं. इनमें बड़ी संख्या पुरानी व गैर-बीएस-6 गाड़ियों की होती है. इस धुएं को राजधानी की सीमा पर ही रोकने के लिए यह रोक लगाई गई है. वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक पुरानी BS-4 गाड़ियां BS-6 के मुकाबले कई गुना ज्यादा जहरीली गैसें छोड़ती हैं. इसी खतरे को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बाहर से आने वाले गैर-बीएस-6 वाहनों पर 1 नवंबर से पूरी तरह रोक लगा दी है.
BS-4 और BS-6 में भारी अंतर
भारत में अप्रैल 2020 से BS-6 नियम लागू किए गए थे. BS-4 वाहनों की तुलना में BS-6 इंजन से नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) का उत्सर्जन बहुत कम होता है. पुरानी BS-4 डीजल और पेट्रोल गाड़ियां ज्यादा धुआं छोड़ती हैं, जो दिल्ली-एनसीआर के AQI को ‘गंभीर’ श्रेणी में धकेलने का काम करती हैं.
किन वाहनों को है छूट?
नियमों के तहत केवल BS-6 मानक वाले वाहन, सीएनजी (CNG), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और आपातकालीन सेवाओं (जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस) से जुड़ी गाड़ियों को ही छूट दी गई है. इसके अलावा सभी वाहनों के पास वैध पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है.