दिल्ली-NCR में बीते दिन बादल जमकर बरसे और मौसम ठंडा हुआ. इसके साथ ही दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) भी सुधरा. लेकिन रातभर में वायु प्रदूषण चिंताजनक स्तर तक बढ़ गया. राजधानी दिल्ली में सर्दी ने दस्तक दे दी है, लेकिन मौसमी परिस्थितियां प्रतिकूल हैं, इसलिए दिल्ली को वायु प्रदूषण से मिली राहत अस्थायी है. आने वाले दिनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है, क्योंकि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, मौसम शुष्क होता जाएगा. अगले सप्ताह तक दिल्ली में बारिश होने की कोई संभावना भी नहीं है. पराली जलाने से भी वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि पराली जाने से हवा में प्रदूषक मिल जाएंगे, जो राजधानी की वायु गुणवत्ता को खराब करेंगे, फिर बारिश की जरूरत होगी, लेकिन परिस्थितियां नहीं बन रहीं.
आज दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर कैसा है?
आंकड़ों के अनुसार, 15 अक्टूबर की सुबह 10:01 बजे से 16 अक्टूबर की सुबह 10:01 बजे तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर मापा गया. गुरुवार दोपहर और शाम को वायु प्रदूषण का स्तर गिर गया था, लेकिन रातभर और शुक्रवार सुबह तक यह फिर से बढ़ गया. 15 अक्टूबर गुरुवार को दोपहर करीब 2 बजे से दिल्ली ने राहत की सांस ली. दोपहर 2:30 बजे दिल्ली में AQI गिरकर 66 तक पहुंच गया. हवाएं चलने और बारिश होने के कारण तापमान में भी गिरावट आई, जिससे सर्दियों की दस्तक भी हुई. लेकिन दोपहर 3 बजे के बाद मौसम बदल गया और बारिश थमने लगी और रात होते-होते वायु प्रदूषण भी बढ़ गया. दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 3 अंकों में पहुंच गया, जो 15-16 अक्टूबर की रात को 177 तक पहुंच गया.
क्या दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सुधरेगा?
बता दें कि फिलहाल दिल्ली को वायु प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना नहीं है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 अक्टूबर को जारी बुलेटिन में 22 अक्टूबर तक दिल्ली में बारिश न होने का पूर्वानुमान लगाया है. 18 अक्टूबर से आसमान साफ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 21 और 22 अक्टूबर तक 32-34 डिग्री तक पहुंच सकता है. बारिश और तेज हवाओं के चलते हवा में मौजूद कुछ प्रदूषक साफ हो सकते हैं . लेकिन जब यह स्थितियां सामान्य हो जाएंगी तो वाहनों का धुंआ, सड़क की धूल, निर्माण कार्य आदि से हवा में प्रदूषण फिर से जमा हो सकते हैं. धान की कटाई में तेजी आने से पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली में आग लगने की घटनाएं बढ़ेंगी. जिससे निकला धुआं और महीन कण हवा में मिलकर दिल्ली-NCR की ओर आ सकते हैं.
सर्दी बढ़ने के साथ वायु प्रदूष्ण का स्तर बढ़ेगा
बता दें कि जैसे-जैसे दिल्ली में सर्दी बढ़ेगी, वायु प्रदूषण के हालात और खराब होते जाएंगे. ठंडी लेकिन कमजोर हवाएं प्रदूषकों को आसानी से फैलने से रोक सकती हैं, लेकिन वे जमीन पर जमा हो जाते हैं और हवा की गुणवत्ता को खराब कर देते हैं. वहीं वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क और निर्माण कार्य की धूल और शहर की हवा को प्रदूषित करने वाले अन्य कारकों से हालात और बदतर होने की आशंका है. इसलिए दिल्ली सरकार को समय रहते ग्रैप की पाबंदियां लागू करनी होंगी.