दिल्ली में सांसों की Emergency, नहीं सुधरे हालात तो आगे क्या? ऑनलाइन क्लास, Grap-4 लागू

Delhi Air Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण के हालात खराब होते जा रहे हैं। पहले 18 दिन में ही ग्रैप के चारों फेज की पाबंदियां लागू करनी पड़ गईं। अगर इससे भी हालात नहीं सुधरे और प्रदूषण कम नहीं हुआ तो सरकार क्या करेगी? अब ऐसा क्या करेंगे कि वायु प्रदूषण घट जाए?

Delhi Smog Emergency

दिल्ली में वातावरण देखकर ही दम घुटने लगा है।

Delhi Air Pollution Odd Even System: दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण हालात खराब हो गए हैं। स्मॉग और कोहरे की चादर देखकर ही दम घुटने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-4) भी लागू कर दिया है। 18 दिन में हालात ऐसे हो गए हैं कि ग्रैप के चारों फेज लागू करने पड़ गए। ऐसे में अब अगर ग्रैप के नियम लागू करने के बाद भी वायु प्रदूषण कम नहीं हुआ तो दिल्ली में सांस लेना दूभर हो जाएगा।

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वहीं लोगों के मन में एक सवाल यह भी है कि अभी तो शुरुआत है और ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू हो गईं। अगर ग्रैप की पाबंदियां लागू होने से भी दिल्ली में वायु प्रदूषण कम नहीं हुआ और हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली सरकार क्या करेगी? कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली के वायु प्रदूषण को बेहद गंभीर श्रेणी का करार दिया है। इस चेतावनी को देखते हुए क्या सरकार अब दिल्ली में ट्रांसपोर्ट के लिए ऑड-ईवन सिस्टम लागू करेगी?

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वर्क फ्रॉम होम और ऑड-ईवन की सिफारिश

CAQM ने वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम और ऑड-ईवन सिस्टम लागू करने की सिफारिश की है। राज्य सरकार से अपील की है कि वह नगरपालिका और प्राइवेट ऑफिसों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम पर भेजने का फैसला ले सकती है। 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने से वे वाहन लेकर नहीं निकलेंगे। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और वायु प्रदूषण घटेगा।

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केंद्र सरकार भी दिल्ली में खुले सभी सरकारी दफ्तरों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम पर भेज सकती है। कॉलेज और कोचिंग इंस्टीट्यूट भी बंद किए जा सकते हैं। इसके अलावा ऑड-ईवन सिस्टम लागू करके नंबर के हिसाब से वाहन लेकर निकलने के आदेश लोगों को दिए जा सकते हैं। अगर फिर भी वायु प्रदूषण कम नहीं हुआ तो क्या दिल्ली सरकार कोरोना काल की तरह लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकती है?

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दिल्ली में फेल हुआ ग्रैप-3

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में ग्रैप-4 लागू करने की जरूरत पड़ गई, क्योंकि ग्रैप-3 फेल हो गया है। ग्रैप-3 15 नवंबर को लागू किया गया था, जिसके तहत छठी तक की कक्षाएं ऑनलाइन लगाने के आदेश हुए थे, लेकिन इससे वायु प्रदूषण कम नहीं हुआ। बल्कि अब हालात और खराब हो गए हैं। खासकर रविवार की सुबह वायु प्रदूषण ज्यादा रहा। सुबह AQI 435 था और रात होते-होते हालात और खराब हो गए। AQI 457 तक पहुंच गया।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने दिल्ली में वायु प्रदूषण को बेहद गंभीर श्रेणी का करार दिया है। दिल्ली की हवा में इस समय प्रमुख प्रदूषक PM 2.5 है। 2.5 माइक्रोमीटर या उससे भी कम व्यास वाले सूक्ष्म कण दिल्ली की हवा में भरे हैं। यह सूक्ष्म कण फेफड़ों के अंदर पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकते हैं। नसों में बहकर शरीर में जहर फैला सकते हैं। दिल्ली में एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण ट्रांसपोर्ट, पराली जलाना, आतिशबाजी, डीजल जनरेटर आदि हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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