Delhi Crime News: राजधानी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों में से एक हेमंत को करीब एक महीने पहले ही उसके जिम से निकाल दिया गया था. जिम प्रबंधन को महिलाओं के साथ उसके गलत व्यवहार और दुर्व्यवहार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर वारदात को अंजाम दिया और सबूत मिटाने के लिए कपड़े तक धो डाले थे. पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनकी पिछली गतिविधियों की पड़ताल में जुटी है.
आस्था कुंज पार्क से नाबालिग का पीछा कर रहे थे नाबालिग
घटना इस सप्ताह की शुरुआत में उस समय हुई, जब पीड़िता अपने 17वें जन्मदिन पर अपनी सहेली के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद आस्था कुंज पार्क गई थी. गेट नंबर 7 से पार्क में दाखिल होते ही तीन आरोपियों आसिफ, हेमंत और उसके भाई महेश ने उन्हें देख लिया. तीनों ने करीब एक किलोमीटर तक दोनों का पीछा किया और फिर खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उन्हें रोक लिया. एक-दूसरे को ‘सर’ कहकर उन्होंने यह यकीन दिलाया कि वे असली पुलिस वाले हैं, जिसके बाद पीड़िता को उसकी सहेली से अलग कर दिया गया.
13 साल की एक बेटी का पिता है मुख्य साजिशकर्ता
वारदात का मुख्य साजिशकर्ता 32 वर्षीय आसिफ है, जो कालकाजी मंदिर के पास रहता है और सब्जियों का थोक व्यापारी है. वह अक्सर पार्क के सुनसान इलाकों में घात लगाकर घूमता था. आसिफ विवाहित है और उसकी 13 साल की एक बेटी भी है. उसने पिस्तौल और चाकू दिखाकर पीड़िता को उसकी सहेली से अलग किया और पार्क के अंदर कई सुनसान जगहों पर ले जाकर दरिंदगी की. इस दौरान एक आरोपी पहरेदारी करता और तीसरे को फोन कर बुलाता.
पकड़े जाने से पहले अपने फोन की सर्च हिस्ट्री हटाई
अन्य दो आरोपी भाई कथित तौर पर वकील हेमंत और बीएससी गणित के छात्र महेश ने पकड़े जाने से पहले अपने फोन की सर्च हिस्ट्री मिटा दी थी. तीनों बचपन के दोस्त हैं. पुलिस ने आसिफ के पास से पिस्तौल, चाकू और कंडोम बरामद किए हैं, साथ ही उसके फोन से कई अश्लील वीडियो मिले हैं. वारदात के बाद आरोपियों ने पास में खाना खाया और श्रीनिवासपुरी स्थित घर जाकर सबूत मिटाने के लिए अपने कपड़े धोए. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कोई पछतावा नहीं दिखाया है. पुलिस को शक है कि वे पहले भी पार्क में ऐसी वारदातों में शामिल रहे होंगे, जिसके चलते उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. सभी फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं.