देश की राजधानी दिल्ली के जिन 33.1 लाख वोटर्स को विसंगतियों के चलते चुनाव आयोग की तरफ से एसआईआर नोटिस मिले थे, उनमें से 94 फीसदी से ज्यादा को फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है. बाकी 6 फीसदी मामलों पर अभी काम चल रहा है. इसके बाद 4 दिसंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी.
दिल्ली के इन वोटर्स के नाम 31 अगस्त को एसआईआर के दौरान जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल थे. हालांकि, डेटा में कुछ विसंगतियोंया 2002 के SIR डेटा से मैपिंग न हो पाने के कारण इन्हें नोटिस भेजे गए थे
अधिकारियों के अनुसार, भेजे गए 33.1 लाख नोटिसों में से 19.3 लाख नोटिस विसंगतियों के चलते दिए गए थे, जबकि 13.8 लाख नोटिस ‘अनमैप्ड’ होने की वजह से भेजे गए थे. दिल्ली में SIR प्रक्रिया 30 जून को शुरू हुई थी. उस समय वोटर लिस्ट में 1.45 करोड़ वोटर्स दर्ज थे.
31 अगस्त को, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी. इसमें 97.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल थे. अनुपस्थित, ट्रांसफर, मृत या डुप्लिकेट कैटेगरी के चलते करीब एक-तिहाई यानी 47.6 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे.
33.1 लाख नोटिस जारी किए गए
ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद से केवल 2.7 लाख लोगों ने ‘फॉर्म 6’ भरा. इनमें नए वोटर्स और वे लोग शामिल हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए 46.7 लाख लोगों की सूची में थे. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक CEO कार्यालय ने बताया, ‘ड्राफ्ट सूची में शामिल 97.5 लाख मतदाताओं में से 33.1 लाख को नोटिस भेजे गए थे. इनमें से 13.8 लाख मतदाता ऐसे थे जो 2002 में SIR से ‘अनमैप्ड’ थे. बाकी 19.3 लाख मतदाताओं को सिस्टम द्वारा पहचानी गई विसंगतियों के कारण नोटिस भेजे गए थे.’
26 अक्टूबर तक 31.2 लाख नोटिसों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है और इन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चिह्नित कर लिया गया है. CEO कार्यालय के हवाले से कहा गया, ‘विसंगतियों से जुड़े मामलों में सभी नोटिस जारी कर दिए गए हैं. चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक ERO और AERO ने दस्तावेज एकत्र किए हैं. लगभग 19 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है और इन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए तैयार रखा गया है.’
30 नवंबर तक सभी नोटिसों का निपटारा किया जाएगा
सभी नोटिसों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है. इन नोटिसों की काफी आलोचना भी हुई क्योंकि जिन्हें ये नोटिस मिले, उनमें मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री एस जयशंकर, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी जैसी हस्तियां भी शामिल थीं.