हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

दिल्ली गेस्ट टीचर की तैनाती में नहीं मिला भ्रष्टाचार, झूठे आरोपों की खुली पोल

विज्ञापन
सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर्स की तैनाती में उपराज्यपाल के लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की आखिरकार सच्चाई सामने आ गई है। यह सच्चाई एलजी द्वारा बैठाई गई जांच समिति ही सामने लेकर आई है। समिति को जांच में गेस्ट टीचर की तैनाती में कोई भ्रष्टाचार नहीं मिला है।

भ्रष्टाचार के आरोप झूठे पाए गए

पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने मांग की है कि एलजी कार्यालय को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिल्लीवालों को बताना चाहिए कि गेस्ट टीचर को लेकर उनके लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप झूठे पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एलजी ने सरकारी स्कूलों के गेस्ट टीचर को घोस्ट टीचर बताते हुए बिना पढ़ाए सैलरी लेने का आरोप लगाया था। समिति को 16 हजार गेस्ट टीचर्स की उपस्थिति, कागजात व अकाउंट की जांच में कोई भ्रष्टाचार नहीं मिला। मेरी सलाह है कि एलजी लोगों के हित में सकारात्मक कदम उठाएं और झूठी व सनसनीखेज खबरें देने से बचें। क्योंकि जांच के डर से अफसर जनहित में फैसले नहीं ले पा रहे हैं। एलजी का हर काम में जांच बैठाने का एकमात्र उद्देश्य दिल्ली सरकार के अच्छे कामों को रोकना है।

एलजी ने समिति बनाकर जांच बैठा दी थी

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले साल, सितंबर 2022 में एलजी विजय सक्सेना ने सभी अखबारों और टेलीविजन चैनलों पर एक खबर चलवाई और कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जो गेस्ट टीचर्स हैं, उसमें बड़ा घोटाला हो रहा है। यह गेस्ट टीचर्स ‘घोस्ट टीचर्स’ हैं। यानी उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन यह गेस्ट टीचर्स दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ाने नहीं जाते हैं। एलजी ने कहा कि फंडस का दुरुपयोग हो रहा है। एलजी ने इसे गेस्ट टीचर्स का घोटाला बताकर मीडिया में खबर चलवाई। इतना ही नहीं, एलजी ने खुद एक समिति बनाकर उसकी जांच बैठा दी। करीब पांच महीने से समिति 16 हजार गेस्ट टीचर्स की जांच कर यह पता लगा रही है कि गेस्ट टीचर्स असली हैं या घोस्ट हैं।

विज्ञापन

सभी टीचर्स जीवित हैं और इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन सभी गेस्ट टीचर्स की अटेंडेंस चेक कराई गई, इनके कागजात और अकाउंट चेक कराए गए। अंत में यह पाया गया कि सभी टीचर्स जीवित हैं और इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है। इन गेस्ट टीचर्स की बॉयोमेट्रिक ऑनलाइन अटेंडेंस होती है, उन्हें वेरीफाई किया जाता है। स्कूलों के प्रिंसिपल वेरीफाई करते हैं कि ये टीचर्स असली हैं या नहीं। बच्चे खुद सत्यापित करते हैं कि उनके गेस्ट टीचर्स क्लास में हैं या नहीं हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि बच्चों का एक हिंदी का टीचर हैं और वो भूत है। अगर हिंदी की कक्षा में कोई टीचर बच्चों को पढ़ाने नहीं आता है, तो यानी भूत क्लास में आता है और चला जाता है। ऐसी बातें खुद एलजी साहब कर रहे हैं।

इस समय हर विभाग में जांच बैठी हुई है

विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी ने करीब 16 हजार गेस्ट टीचर्स और दिल्ली सरकार के ऊपर एक बहुत बड़ा इल्जाम लगाया गया है। एलजी की कोशिश यही है कि गेस्ट टीचर्स के ऊपर सवालिया निशान लगाकर इस परंपरा को खत्म कर दिया जाए। यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है। एलजी को दिल्ली के लोगों के लिए कुछ सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। मगर एलजी के यहां से मीडिया में सनसनीखेज खबरें देने के लिए दिल्ली सरकार के ऊपर झूठे आरोप लगाए जाते हैं। दिल्ली सरकार के अफसरों पर एलजी की ओर से लगातार आरोप लगते आ रहे हैं। इसका प्रभाव यह है कि इस समय हर विभाग में जांच बैठी हुई है। बिजली, ट्रांसपोर्ट, हेल्थ और पीडब्ल्यूडी सभी जगह जांच बैठा रखी है। एलजी के हिसाब से दिल्ली में हर जगह बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है। क्या इस तरह से कोई सरकार चल सकती है?

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola