Protest At Delhi Police Headquarter: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद 2 अधिकारियों के तबादले का विरोध करने के लिए कई पुलिसकर्मी वहां इकट्ठा हो गए. इस प्रदर्शन से पुलिस बल के कुछ हिस्सों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बढ़ती नाराजगी सामने आई. हेडक्वार्टर के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने ही विरोध कर रहे अपने साथियों को रोक दिया, जिससे एक ही पुलिस बल के सदस्यों के बीच आमने-सामने की एक अजीब स्थिति पैदा हो गई.
सीनियर अधिकारियों ने टेंशन कम करने की कोशिश की
ACP मनस्वी वशिष्ठ और इंस्पेक्टर अरुण कुमार (जो शाहदरा के SHO थे) के तबादले से कई पुलिसकर्मियों में नाराजगी फैल गई. डीसीपी (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यालय के अंदर जाकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए मनाने की कोशिश की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को सुना जाएगा और समाधान निकालने पर चर्चा की जा सकती है.
सचिन शर्मा ने बार-बार पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वो इमारत के अंदर बातचीत करने के अपने शुरुआती समझौते का पालन करें. इस टेंशन भरे हालात के दौरान, जिनका तबादला हुआ था, उन ACP वशिष्ठ की भी DCP के साथ बातचीत हुई. नई दिल्ली जिले में तैनात कुछ पुलिसकर्मी भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए.
शाहदरा में पुलिस और वकीलों के बीच टकराव क्यों हुआ?
ये विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद शुरू हुआ. बताया गया है कि इस घटना के दौरान वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई. इसके बाद नाराज वकील पुलिस स्टेशन पहुंचे और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर वकीलों को धमकाने और उनके साथ गलत बर्ताव करने का भी आरोप लगाया. दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे जिला अदालतों में कामकाज ठप हो गया.
हड़ताल खत्म हुई, लेकिन नाराजगी बढ़ी
तनाव कम करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वशिष्ठ और कुमार का तबादला कर दिया. हालांकि इस फैसले से पुलिस बल का एक हिस्सा नाराज हो गया. शाहदरा बार एसोसिएशन की तरफ दर्ज कराई गई शिकायतों और FIR की 2 महीने तक जांच करने के आश्वासन के बाद, वकीलों ने अपनी कई दिनों से चल रही हड़ताल वापस ले ली. इस बीच वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को चिट्ठी लिखकर तबादलों को लेकर अपनी चिंताएं रखने के लिए एक ‘ओपन-हाउस’ मीटिंग की मांग की.