दिल्ली की सर्दी ने साल की आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को ऐसा कहर ढाया कि पूरा शहर ठिठुर गया. सड़कें सुबह से ही घने कोहरे की मोटी चादर में लिपटकर रह गईं और विजिबिलिटी महज 50 मीटर तक सिमट गई. चौंकाने वाली बात ये है कि बुधवार को मौसम ने 6 साल पुराना दिसंबर रिकॉर्ड तोड़ दिया, इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन भी साबित हुआ. लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे थे, धूप भी कोहरे और बादलों को भेदकर जमीन तक पहुंचने में नाकाम रही. ठंडी हवाएं ऐसी चलीं कि हड्डियां भी कांप जाएं.
न्यू ईयर ईव पर ठंड ने ढाया कहर
न्यू ईयर ईव पर जहां जश्न की तैयारी होनी चाहिए थी, वहां कोहरा और ठंड ने सबको घरों में कैद कर लिया. सफदरजंग की मुख्य मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान सिर्फ 14.2 डिग्री सेल्सियस रुका, जो सामान्य से पूरे 6.2 डिग्री नीचे था. 24 घंटे में 7.3 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले 2019 के 29 दिसंबर को 13.3 डिग्री का पुराना रिकॉर्ड टिका था, लेकिन इस बार सर्दी ने उसे पीछे छोड़ दिया. न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री नीचे था.
इन जगहों पर भी सर्दी का सितम
वहीं, पालम में अधिकतम 13.6 डिग्री (सामान्य से 6.8 कम), लोधी रोड पर 13.4 डिग्री (7.6 कम), रिज पर 13.8 डिग्री (5.9 कम) और आयनगर में 13.1 डिग्री (6.2 कम). मौसम विभाग के मानकों के मुताबिक, जहां न्यूनतम 10 डिग्री से नीचे और अधिकतम सामान्य से 4.5-6.5 डिग्री कम हो, वहां कोल्ड डे बनता है.
150 उड़ानें रद्द… 250 से ज्यादा लेट
कोहरे का सबसे बुरा असर यात्रा पर पड़ा. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 150 उड़ानें रद्द हो गईं, जबकि 250 से ज्यादा लेट रहीं और 2 का रूट डायवर्ट करना पड़ा. इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी. रेलवे भी नहीं बचा और 100 से ज्यादा ट्रेनें घंटों लेट पहुंचीं, स्टेशनों पर यात्री ठंड में सिकुड़कर इंतजार करते नजर आए. न्यू ईयर ट्रैवलर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, क्योंकि यह पीक टाइम था.