हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

छावला गैंगरेप केस, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल पुनर्विचार याचिका, यह दिए गए तर्क

विज्ञापन
फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट: छावला गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। याचिका में पीड़ित के परिजनों ने तर्क दिया है कि मामले में दो अदालतों ने दोषियों को फांसी की सजा दी। डीएनए जांच में मिले सबूतों से केस साबित हो रहा था। आरोपी राहुल की कार में खून से सना जैक भी मिला था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ जा रहे कई सबूतों की उपेक्षा की है। जांच की कुछ कमियों के आधार पर सबको बरी कर दिया। ऐसे में शीर्ष अदालत के आदेश पर दोबारा विचार करने का आग्रह करते हैं।

https://twitter.com/news24tvchannel/status/1599673618375770112?s=20&t=kE4uEsztro70OhGhP8Sgeg

 

बता दें मूल रूप से उत्तराखंड की पीड़िता दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला के कुतुब विहार में रहती थी। 9 फरवरी 2012 की रात नौकरी से लौटते समय उसे कुछ लोगों ने जबरन अपनी लाल इंडिका गाड़ी में बैठा लिया। इसके तीन दिन बाद उसकी लाश बुरी हालत में हरियाणा के रेवाड़ी में मिली थी। उसके साथ दुष्कर्म किया गया था और उसे यातनाएं दी गई थी। पीड़िता को औजारों से पीटा गया, उसके ऊपर मिट्टी के बर्तन फोड़े गए। उसके शरीर को सिगरेट व गर्म लोहे की झड़ से दागा गया।

पुलिस ने मामले में कार की निशानदेही पर राहुल, उसके साथियों रवि और विनोद को पकड़ा था। 2014 में पहले निचली अदालत ने तीनों को फांसी की सज़ा सुनवाई थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। फिर 7 नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस यू यू ललित, दिनेश माहेश्वरी और बेला त्रिवेदी की बेंच ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की जांच और मुकदमे के दौरान बरती गई लापरवाहियों के आधार पर यह फैसला दिया था।

 

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें