Burari Building Collapsed Rescued Family Real Story: दिल्ली के बुराड़ी में इस हफ्ते की शुरुआत में गिरी 5 मंजिला बिल्डिंग के मलबे से कुछ दिनों पहले पुलिस ने 4 लोगों के एक परिवार को जिंदा बाहर निकाला है। इन लोगों की पहचान राजेश (30), उनकी पत्नी गंगोत्री (26) और उनके बेटों प्रिंस (6) और रितिक (3) के रूप में हुई है। परिवार के मुखिया ने बताया कि वे कम से कम 30 घंटे तक मलबे में फंसे रहे और सिर्फ 3 टमाटर खाकर जिंदा रहे। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब पूरा परिवार बेहोश था। उन्हें यह भी नहीं पता कि कब और कैसे अस्पताल पहुंचे।
29 जनवरी को देर रात के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बिल्डिंग के मलबे से इस पूरे परिवार को जिंदा बाहर निकाला गया। मलबे के अंदर परिवार के फंसे रहने वाले राजेश ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने घर में बचे 3 टमाटर खाकर अपनी भूख मिटाई।
30 घंटे तक 3 टमाटर खाकर जिंदा था परिवार
ANI से बात करते हुए राजेश ने कहा कि शाम करीब 6.30 बजे वह अपने परिवार के लिए खाना बनाने जा रहा था, तभी इमारत ढह गई। राजेश ने कहा कि उसने ऊपर का मलबा हटाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह हार गया। हमारा पूरा परिवार घर में बचे सिर्फ 3 टमाटर खाकर 30 घंटे से अधिक समय तक जिंदा रहा। राजेश ने बताया कि उसने हार मान ली थी और सब कुछ भगवान के भरोसे छोड़ दिया था। राजेश ने बताया कि जब उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया, तब वे सब बेहोश थे। उन्हें यह भी याद नहीं कि वे लोग कब और कैसे अस्पताल पहुंचे।
मलबे से 16 लोगों निकाला गया
वहीं, इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग की छत का स्लैब गिरने के कारण परिवार मलबे में फंस गया था। लेकिन यह स्लैब रसोई गैस सिलेंडर पर गिरा, जिसकी वजह से राजेश और उसका परिवार मलबे में दबने से बच गया। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया के अनुसार इमारत गिरने के बाद से 16 लोगों को बचाया गया है। वहीं, इस हादसे में 2 नाबालिग समेत 5 लोगों की मौत हो गई।