अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा- अवध ओझा के नामांकन पर फंस सकता है पेच

Arvind Kejriwal Claim On Avadh Ojha : दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वे दो अहम मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेंगे।

Arvind Kejriwal Avadh Ojha

अवध ओझा को लेकर अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा।

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Arvind Kejriwal Claim On Avadh Ojha : दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पटपड़गंज से आप उम्मीदवार अवध ओझा को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अवध ओझा के नामांकन पर पेच फंस सकता है।

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि BJP धांधली करके और बेईमानी से दिल्ली का चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि वे दो मुद्दों को लेकर आज 3 बजे चुनाव आयोग जाएंगे। उनके साथ आतिशी, भगवंत मान, संजय सिंह, राघव चड्ढा भी जाएंगे। पहला मुद्दा- अवध ओझा का ग्रेटर नोएडा में वोटर कार्ड बना है। अवध ओझा ने दिल्ली में वोट बनवाने के लिए 26 दिसंबर को फॉर्म 6 भरा था, लेकिन उन्हें वहां से कोई जवाब नहीं आया। किसी ने उनसे कहा कि उनका वोटर कार्ड बना हुआ, ऐसे में उन्हें फॉर्म 6 नहीं, फॉर्म 8 भरना पड़ेगा।

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क्या अवध ओझा को अयोग्य करने के लिए दोबारा आदेश आया? : केजरीवाल

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अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अवध ओझा ने 7 जनवरी को फॉर्म 8 भर दिया। कानून के मुताबिक, फॉर्म 8 भरने के लिए 7 जनवरी लास्ट डेट थी। चुनाव आयोग के मैनुअल में कहा गया है कि आखिरी डेट ऑफ नॉमिनेशन से 10 दिन पहले तक फॉर्म 6 या फॉर्म 8 भरे जा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने लास्ट डेट 7 जनवरी को आवेदन कर कहा कि उनका वोट दिल्ली में ट्रांसफर किया जाए। दिल्ली चुनाव आयोग की सीईओ ने एक आदेश जारी किया कि 7 जनवरी अंतिम तिथि है, लेकिन 24 घंटे में ही उन्होंने दूसरा आदेश जारी किया कि लास्ट डेट 6 जनवरी है। आखिर दूसरा आदेश क्यों जारी किया गया? क्या अवध ओझा को चुनाव लड़ने से अयोग्य करने के लिए दोबारा आदेश जारी किया गया?

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फर्जी वोटरों को लेकर भी ECI से करेंगे शिकायत : पूर्व सीएम

उन्होंने कहा कि वे अवध ओझा को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेंगे और मांग करेंगे कि उनका वोटर कार्ड ग्रेटर नोएडा से दिल्ली में ट्रांसफर किया जाए। दूसरा मुद्दा- बीजेपी के वोट घोटाले में स्थानीय डीएम भी शामिल हैं। बीजेपी के कई सांसदों के सरकारी बंगले से 30-40 वोट बनाने की अर्जियां दी गई हैं। जिन BJP सांसदों के यहां पिछले 10-11 साल से मात्र 2-4 वोट थे, वहां चुनाव के 15-20 दिन पहले 30-40 वोट बनवाने के आवेदन कैसे आ गए? स्थानीय निर्वाचन अधिकारी (DM) भी इन लोगों के वोट बनाने का मन बना चुके हैं। भाजपा ने हरियाणा और महाराष्ट्र में धांधली करके चुनाव जीते होंगे, लेकिन दिल्ली में ऐसा होने नहीं देंगे। इस मुद्दे को भी चुनाव आयोग के सामने रखेंगे।

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