पल्लवी झा, दिल्ली: चमत्कार होते रहे हैं और आगे भी होते रहेंगे, क्योंकि भगवान के रूप में डॉक्टर मौजूद हैं। इसका एक ताजा उदाहरण 80 मीटर बर्फ में और 72 घंटे तक गड्ढे में फंसे रहे अनुराग मल्लू का है। दरअसल, नेपाल में अन्नपूर्णा पीक की चढ़ाई के दौरान एक हादसे में अनुराग गिर गए थे, वहां से दो दिनों के बाद उनके ग्रुप के सदस्यों ने उन्हें बाहर निकाला। नेपाल में प्राथमिक इलाज के बाद अनुराग को दिल्ली लगभग 20 दिन बाद लाया गया। जयप्रकाश ट्रामा सेंटर एम्स से बर्न एंड प्लास्टिक विभाग के प्रमुख डॉ मनीष सिंघल ने न्यूज 24 को बताया कि बहुत ही मुश्किल हालात में इन्हें एम्स लाया गया, जहां 9 सर्जरी के बाद अनुराग आज अपने पैरों पर चलने की स्थिति में हैं।
दैवीय शक्ति का प्रताप
इस हादसे को लेकर अनुराग (34) ने बताया कि 80 मीटर के गड्ढे में गिरने के बाद भी मैं होश में था। मैं दो ट्रेंच में गिरा लेकिन, मुझे फ्रैक्चर नहीं हुआ था। गड्ढे में भी मैं अपने गोप्रो कैमरे से वीडियो बनाता रहा लेकिन, आखिरी 12 घंटे मैं बेहोश हो गया था और उसके बाद क्या हुआ, कुछ भी याद नहीं।
डॉक्टरों ने माना चमत्कार
डॉ मनीष सिंघल ने बताया कि उनको शाम को सात बजे रिक्वेस्ट आई थी कि वहां से आने में ही पांच दिनों तक मरीज ट्रांसफर नहीं हो पा रहा था। इसके बाद बड़ी मुश्किल से अनुराग नेपाल से यहां आ पाए। डॉ सिंघल ने बताया कि जब यहां पहुंचे तब तक उनके काफी ऑर्गन फेल हो चुके थे, इसके बाद उनकी छह सर्जरी हुई।
एम्स ने दी नई जिंदगी
अनुराग ने ईश्वर को धन्यवाद देते हुए बताया कि मैं यहां जिंदा हूं, यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। पिछले 200 दिनों के बाद मेरी नई जिंदगी एम्स की वजह से मिली है। मेरा बेड नम्बर 9 था। शायद वह मेरे लिए काफी लकी रहा। पूरे 5.5 महीने मैं उसी बेड पर पड़ा रहा, चलने की बात तो दूर मैंने सोचा भी नहीं था कि मैं अपने पैरों पर खड़ा भी हो सकता हूं। मेरे लिए एम्स एक मंदिर है, जहां के भगवान की वजह से मैं आपके सामने जिंदा खड़ा हूं। अनुराग ने कहा कि जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तो फिर से वह माउन्टेन एक्पीडीशन शुरू करेगा।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में ऑड-ईवन स्कीम टली, मंत्री गोपाल राय बोले- SC की समीक्षा के बाद होगी लागू
इन्फेक्शन से बचाना बड़ी चुनौती
आईसीयू फिजीशियन डॉ कपिलदेव सोनी ने बताया कि जब हमारे पास अनुराग आए, तब उनकी हालत बहुत ही खराब थी। नर्सिंग डिपार्टमेंट से लेकर आईसीयू स्टाफ के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती थी, ताकि संक्रमण से बचाया जा सके। 31 अक्टूबर को जब अनुराग डिस्चार्ज हुए, तो वह पल हमारे लिए भी बहुत भावनात्मक था। डॉ कपिल ने आगे बताया कि नौ डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने मिलकर अनुराग की जान बचाई है।
संबंधित खबरें
छात्रों की सुरक्षा पर दिल्ली LG ने की बैठक, पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश
3 hrs agoफाइल स्टेट से एल्गोरिदमिक स्टेट तक, भारत में डिजिटल शासन का बदलता दौर
5 hrs agoदिल्ली दंगा मामले में HC का फैसला, हेट स्पीच पर FIR-SIT जांच की मांग ठुकराई
9 hrs agoदिल्ली की हवा पिछले तीन महीने में सबसे खराब! 187 पर पहुंचा AQI
9 hrs agoदिल्ली-NCR में घरों की कीमतें 12% बढ़ीं; लेकिन खरीदारी घटी
12 hrs ago'नेहा बोरा को प्राइवेट गाड़ी में ले गई पुलिस', AISA के आरोप, क्या बोले DCP?
21 hrs agoBJP सांसद राधा मोहन दास के घर चोरी, कीमती सामान के साथ गटर का ढक्कन भी गायब
23 hrs agoCEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, हिरासत में कई AAP नेता
1 day agoदिल्ली की बसों में फ्री सफर के लिए, किन महिलाओं को चुकाना होगा पूरा किराया
1 day agoदिल्ली में आज से बंद हुआ पिंक टिकट, अब बसों में कैसे फ्री ट्रैवल करेंगी आप?
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines