केरल के बाद अब बदलेगा दिल्ली का नाम? BJP सांसद ने ASI सर्वे को आधार बनाकर सीएम-गृह मंत्री को लिखा पत्र

दिल्ली को पुराना पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। चांदनी चौक सीट से बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने इसके प्रयास शुरू किए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का अनुरोध किया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

DELHI.jpg_d0808c

मोदी कैबिनेट ने 24 फरवरी को केरल राज्य के नाम बदलने को मंजूरी दे दी है। अब केरल की पहचान केरलम के रूप में होगी। इसके बाद अब दिल्ली का नाम बदलने की भी मांग उठने लगी है। बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने सीएम रेखा गुप्ता और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।

विज्ञापन

दिल्ली को पुराना पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। चांदनी चौक सीट से बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने इसके प्रयास शुरू किए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का अनुरोध किया है।

विज्ञापन

सांसद का कहना है कि इससे भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को फिर से स्थापित करेगा। साथ ही सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी स्थान पर संभवतः पुराना किला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। इससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके।

विज्ञापन

सीएम रेखा गुप्ता को लिखे पत्र में सांसद खंडेलवाल ने अनुरोध किया कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है। उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।

विज्ञापन

खंडेलवाल ने पत्र में नाम बदलने की दलील देते हुए लिखा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है। उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहां आज दिल्ली है।

इन्ही तथ्यों को आधार बताते हुए खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली नाम अपेक्षाकृत बाद के मध्यकालीन दौर में प्रचलन में आया, जिसे इतिहासकार ढिल्लिका या देहली जैसे नामों से जोड़ते हैं। लेकिन यह इसकी मूल और प्राचीन सभ्यतागत पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ