Chhattisgarh Sukma News : एक व्यक्ति ने बच्चे के लिए एक दो नहीं तीन शादी की। पहली और दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं हुआ। इसके बाद तीसरी पत्नी ने उनका संतान का सुख पूरा कर दिया। उसने एकसाथ चार बच्चों को जन्म दिया। चार नवजात बच्चों में से दो लड़के और दो लड़कियां हैं। डॉक्टर ने बताया कि मां और सभी नवजात बच्चे स्वस्थ हैं।
यह मामला छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जैमर गांव का है। महिला के पति कवासी हिड़मा जैमर गांव के सरपंच हैं। उनकी तीसरी पत्नी ने शुक्रवार को बड़ी खुशखबरी दी। जगदलपुर के प्राइवेट अस्पताल में आदिवासी महिला का प्रसव हुआ और उन्होंने एकसाथ चार नवजात बच्चों को जन्म दिया।
चौथे बच्चे के जन्म से डॉक्टर भी हैरान
पहले सोनोग्रामी जांच में पता चला था कि तीन बच्चे हैं, लेकिन चौथे बच्चे के जन्म से डॉक्टर भी हैरान हैं। चार नवजात बच्चों में तीन का वजन दो किलो है, जबकि चौथे का वजह डेढ़ किलो है। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में जच्चा बच्चा की देखभाल हो रही है। इसे लेकर सरपंच के घर में खुशी का माहौल है।
जानें महिला के पति ने क्या कहा?
सरपंच कवासी हिड़मा ने चार बच्चों के जन्म पर डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि चार बच्चों को जन्म देने की वाली महिला का नाम दशमी है। वह उनकी तीसरी पत्नी हैं, जबकि पहली दो पत्नियों से एक भी संतान नहीं है। सरपंच ने कहा कि पहली पत्नी हूंगा से एक बेटी हुई थीं, जिसकी 14 साल की उम्र में मौत हो गई थी।