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छत्तीसगढ़ में दहाड़ेंगे मध्य प्रदेश के टाइगर, आप यहां कर सकेंगे बाघों का दीदार

Tigers: छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या तेजी से घटती जा रही है, ऐसे में अब छत्तीसगढ़ के जंगलों को फिर से बाघों से गुलजार करने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बात की जानकारी दी है, ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में टाइगर आ सकते हैं। […]

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Tigers: छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या तेजी से घटती जा रही है, ऐसे में अब छत्तीसगढ़ के जंगलों को फिर से बाघों से गुलजार करने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बात की जानकारी दी है, ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में टाइगर आ सकते हैं।

मध्य प्रदेश से मांगे जाएंगे टाइगर

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार मध्य प्रदेश सरकार से 4 मादा और 3 नर बाघों को मांगेगा। इन सभी बाघों को बारनवापारा अभ्यारण्य और अचानकमार टाइगर रिजर्व में रखा जाएगा। क्योंकि यहां की परिस्थितियां बाघों के अनुकूल है। इसलिए बाघों को यही रखा जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि राज्य में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश से बाघ लाए जाएंगे और पढ़िए बिहार पुलिस में बंपर भर्ती, जानें सिपाही, दरोगा के हैं कितने पद

छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ में फिर से बाघों की संख्या 4 गुना करने का लक्ष्य सरकार ने बनाया है। यह प्रस्ताव 'ग्लोबल टाइगर फोरम' ने दिया था, जिसकी अनुमति सरकार ने दे दी है। इस प्रस्ताव के तहत बाघों को मध्य प्रदेश से बाघ लाकर अचानकमार बाघ अभयारण्य में छोड़े जाएंगे, इसके लिए अचानकमार बाघ अभयारण्य को और बी विकसित किया जाएगा, जिससे यहां जानवरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सके।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से बाघ मांगे जाएंगे: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने भूपेश बघेल ने बताया कि जहां प्रकृतियां बाघों अनुकूल है, वहां बाघों की संख्या बढ़ाई जाएगी, क्योंकि हमारे यहां टाइगर घट गए हैं। फिलहाल देश में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बाघ हैं, इसलिए उनसे बाघ मांगे जाएंगे, उनसे मिल जाये तो अच्छा होगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बताया कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए वनों की 10 किलोमीटर की परिधि के गांवों में आजीविका संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने, वन्य प्राणियों की सुरक्षा की दृष्टि से वन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क को मजबूत बनाने, हाथी-मानव द्वंद रोकने के लिए जागरूकता अभियान को गति देने और वन्य प्राणियों के लिए पानी तथा चारागाह विकसित करने का निर्देश दिया है। ताकि वन्य प्राणियों को अच्छी सुविधा मिल सके और वन्य जीवों की संख्या बढ़ सके।

छत्तीसगढ़ में बचे हैं सिर्फ 19 बाघ

बता दें कि पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या 46 से घटकर 19 हो गई हैं। ऐसे में अब सरकार ने बाघों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है, क्योंकि प्रदेश में अब बाघों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जो पर्यटन की दृष्टि से भी जरूरी है। और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें  


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