रायपुर: छत्तीसगढ़ में संग्रहित फूड ग्रेड महुआ फूल को राज्य लघुवनोंपज संघ द्वारा विदेश में विपणन करने की महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से महुआ फूल से अतिरिक्त लाभ मिलता है। उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्ष 2023-24 में संग्रहित 694.94 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल में से 503.65 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण केवल मनेन्द्रगढ़ वनमंडल द्वारा किया गया है। इस तरह वनमंडल मनेन्द्रगढ़ फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण कार्य में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष प्रथम रैंक पर रहा।
छत्तीसगढ़ में महुआ फूल की अपनी गुणवत्ता और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही नई तकनीक आदि की सुविधा से इसकी महक अब देश-विदेश तक पहुंचने लगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में वनवासियों को लघुवनोंपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण आदि कार्यो से संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने निरंतर प्रयास हो रहे है। इस कड़ी में फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण बहुत लाभदायी है।
वनमंडलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला यूनियन मनेन्द्रगढ़ की प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति भौंता, बेलबहरा, घुटरा, कछौड़, केल्हारी, बेलगांव, जुनंवा एवं माड़ीसरई के अंतर्गत फूड ग्रेड महुआ फूल (कच्चा महुआ) का नेट के माध्यम से संग्रहण कराया गया । संग्राहकों से 10.00 रु. प्रति किलोग्राम की दर से 503.65 क्विंटल कच्चा महुआ फूल संग्रहित किया गया है। संग्रहण उपरांत महुआ फूल सोलर ड्रायर के माध्यम से सुखाया गया । महुआ फूल के संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में संग्राहकों को 5 लाख 3 हजार 650 रूपए का भुगतान किया गया।
सोलर ड्रायर में सुखाकर प्रसंस्करण के उपरांत कुल 99.60 क्विंटल (ए ग्रेड- 78.30 क्विंटल एवं बी ग्रेड-21.30 क्विंटल) फूड ग्रेड महुआ फूल प्राप्त हुआ। उक्त कच्चा महुआ फूल का प्रसंस्करण कार्य वन धन विकास केन्द्र जनकपुर एवं कठौतिया अंतर्गत स्व-सहायता समूह के 20-20 महिलाओं सदस्यों द्वारा संपन्न किया गया है। समूह की महिलाओं को माह अप्रैल से मई 2023 के मध्य 60 दिवस का रोजगार प्रदाय किया गया। महिलाओं को प्रतिदिन 200 रूपये की दर से पारिश्रमिक भुगतान किया गया है। प्रसंस्करण उपरांत प्राप्त महुआ फूल ए एवं बी ग्रेड का बोरा भर्ती उपरांत एक्वाफुड एंड फोल्ड स्टोरेज, बिलासपुर बायपास, रिंग रोड नंबर 03 विधानसभा रोड गिरौद रायपुर में सुरक्षित भंडारण कराया गया है ।
फूड ग्रेड महुआ फूल को सुखाने से 5 किलोग्राम महुआ फूल से 1 किलोग्राम सूखा महुआ फूल प्राप्त होता है। इस प्रकार सुखा महुआ का खरीदी दर 50 रूपए प्रति किलोग्राम प्राप्त हुआ जबकि बाजार में सूखा महुआ फूल की खरीदी दर 30 से 35 रूपए प्रति किलोग्राम था। इस तरह फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण से हितग्राहियों को अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। साथ ही महुआ पेड़ों के नीचे नेट बांधकर महुआ फूल संग्रहण करने पर तेज गर्मी के मौसम मे एक-एक महुआ फूल एकत्र करने के मेहनत से संग्राहक बच गये। महुआ फूल का संग्रहण आसान हो गया। महुआ फूल को बेचने हेतु बाजार ले जाने की आवश्यकता नही पड़ी। वित्तीय वर्ष 2023-24 मे 123 महुआ हितग्राहियों के द्वारा 213 महुआ वृक्षों के नीचे नेट बांधकर फूड ग्रेड महुआ एकत्र किया गया।
फूड ग्रेड महुआ फूल के संग्रहण कार्य को ग्रामीणों द्वारा बहुत पसन्द किया जा रहा है और आगामी वर्षों में अधिक संख्या में हितग्राही नेट के माध्यम से फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण करने के लिए तैयार हुए है। हितग्राही इस कार्य के लिए काफी उत्साहित है। फूड ग्रेड महुआ संग्रहण के दौरान पेड़ों में नेट बांधने, संग्रहण, परिवहन, ड्रायर में सुखाने, बोरा भर्ती एवं जीरा निकालने के कार्य से स्व-सहायता समूहों को अतिरिक्त रोजगार प्राप्त हुआ।
संबंधित खबरें
कांकेर बिजली दफ्तर में शराब मिलने से मचा हड़कंप, जांच जारी
1 hr agoछत्तीसगढ़ का खैरागढ़ देश पहला गांव जहां हर घर की छत पर लगा सोलर पैनल
3 days agoछत्तीसगढ़ का खैरा बना देश का पहला पूर्ण सौर गांव
4 days agoसड़क पर ड्राइवर को नहीं दिखा साइन बोर्ड और खड़ा ट्रक, हादसे में 3 की मौत
12 days agoछत्तीसगढ़ में यात्रियों से भरी बस पेड़ से टकराई, 6 लोगों की मौत
15 days agoदशहरे पर AK-47 चलाने वाली ‘लेडी सिंघम’ अंकिता शर्मा विवादों में
16 days agoरायपुर की टार फैक्ट्री में भीषण आग, दूर तक दिखा धुआं
18 days agoछत्तीसगढ़ में भूकंप के झटके, सुबह 4:36 बजे कांपी धरती
20 days agoदिल्ली-NCR में छाए रहेंगे बादल, जानें आपके राज्य में कल कैसा रहेगा मौसम
25 days agoछत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली बनेगी 'ऑरेंज ओकलीफ'
26 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines