Chhattisgarh ‘Ecorestoration Policy’ Implemented Soon: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में बहुत जल्द ही इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होने वाली है। राज्य के वन विभाग ने तो इसका ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू करने छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा। फिलहाल, अभी सिर्फ केरल एक मात्र राज्य है, जहां पर यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के तहत राज्य में वनों का संवर्धन, वॉटर सॉर्स का संरक्षण और मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बात की जानकारी दी है।
क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ वर्कशॉप
दरअसल, वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी बीते दिन नया रायपुर के मेफेयर में आयोजित ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ की वर्कशॉप में शामिल हुए। इस वर्कशॉप को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उसके निपटन पर जोर देते हुए कहा कि जनजाति समुदाय हमेशा जल, जंगल, और जमीन का संरक्षकन करता है। इस दौरान उन्होंने साल 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने संघर्ष करते हुए अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की। अब पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी हमारी सरकार की है; पर्यावरण संरक्षण राज्य के विकास लक्ष्यों का कभी न अलग होने वाला हिस्सा है।
पर्यावरण संरक्षण का आदर्श उदाहरण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कहा कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है; बल्कि छत्तीसगढ़ और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का जरिए है। इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देते हुए कई ठोस कदम उठाए हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर खास जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण से जुड़े इनोवेशन और ग्रीन इंवेस्टमेंट में हिस्सा लेने के लिए कहा है।