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सीएम बघेल ने महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और शायर हाजी हसन अली को उनकी जयंती पर किया नमन

Gandhi Jayanti: सीएम भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और शायर हाजी हसन अली की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन भी उपस्थित थे। स्वाधीनता आंदोलन को […]

Gandhi Jayanti: सीएम भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और शायर हाजी हसन अली की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन भी उपस्थित थे।

स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की

सीएम बघेल ने महात्मा गांधी के देश के लिए अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने भारत में स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने सत्य, प्रेम और अहिंसा का मार्ग अपनाकर पूरी दुनिया के समक्ष मिसाल कायम की। उन्होंने देश में जिस ग्राम स्वराज की कल्पना की थी, छत्तीसगढ़ सरकार उसे पूरा करने की दिशा में अग्रसर है।

पूरा जीवन गरीबों की सेवा में न्यौछावर कर दिया

सीएम बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने सादगी से जीवन जिया और अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में अर्पित कर दिया। वास्तव में वे सच्चे गांधीवादी थे। भारतीय स्वाधीनता संग्राम में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय देश को कुशल नेतृत्व प्रदान किया और 'जय जवान-जय किसान' का नारा देकर जनता का मनोबल भी बढ़ाया, जिससे पूरा देश एकजुट हो गया। सीएम ने कहा कि शास्त्री जी जैसे कर्मयोगी सदा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। यह भी पढ़ें-Chhattisgarh: DJ बजाने पर रोकने गए पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई; फाड़ी वर्दी, 7 गिरफ्तार

उर्दू भाषा को जनप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए

सीएम ने हसन के उर्दू भाषा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को याद करते हुए कहा है कि हाजी हसन अली ने उर्दू भाषा को जनप्रिय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए, उन्होंने हिन्दी से उर्दू पढ़ना-लिखना सीखने के लिए कई किताबें लिखी, इससे दोनों भाषाओं को सीखने और समझने में रूचि रखने वालों को काफी आसानी हुई है। प्रदेश सरकार ने उनके सम्मान में राज्य अलंकरण की स्थापना की है। सीएम ने कहा है कि उनका साहित्य उर्दू भाषा को जानने और जनसामान्य में प्रचलित करने के लिए समाज में हमेशा रौशनी देता रहेगा।


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