छत्तीसगढ़ राज्य को जल्द ही अपनी पहली राजकीय तितली मिल सकती है. राज्य वन्यजीव बोर्ड ने ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही बोर्ड ने वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके इलाज से जुड़ी कई अन्य योजनाओं को भी मंजूरी दी है. इनमें 50 काले हिरणों को एक वाइल्डलाइफ सेंचुरी से दूसरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी में भेजना और घायल वन्यजीवों के इलाज के लिए आधुनिक बचाव केंद्र बनाना शामिल है. वन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को नवा रायपुर में बोर्ड समिति की बैठक हुई.
50 काले हिरणों को दूसरे अभयारण्य में भेजा जाएगा
बैठक में बार नवापारा वन्यजीव अभयारण्य से 50 काले हिरणों को गोमर्डा वन्यजीव वाइल्डलाइफ सेंचुरी में लाने मंजूरी दी गई है. इस कदम के तहत हिरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाएगा. हालांकि, इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी नहीं दी गई है.
अंबिकापुर में बनेगा आधुनिक बचाव केंद्र
बोर्ड ने अंबिकापुर के संजय पार्क में वन्यजीवों के लिए आधुनिक बचाव केंद्र बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसमें मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष या सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले जानवरों को तुरंत बचाने और उनका इलाज करने की सुविधा होगी. यहां घायल वन्यजीवों को उपचार दिया जाएगा और जरूरत के अनुसार कुछ समय तक उनकी देखभाल भी की जाएगी. इससे घायल जानवरों को समय पर मदद मिल सकेगी.
‘ऑरेंज ओकलीफ’ बनेगी राजकीय तितली
बोर्ड ने ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मंजूरी भी दी है. लोगों की भागीदारी से इस तितली का चयन किया गया है. हालांकि, इसके लिए जरूरी समीक्षा पूरी होने के बाद ही अंतिम घोषणा की जाएगी.