Bhupesh Government Important Scheme: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में Exit Polls के आ रहे नतीजों को देखते हुए एक बार फिर प्रदेश में भूपेश बघेल की सरकार बन रही है। भूपेश बघेल पिछले पांच वर्षों में अपनी योजनाओं और नीतियों के दम पर एक बार फिर सत्ता में वापसी कर रहे हैं। चाहे बात ग्रामीण इलाकों की हो, बस्तर के आदिवासियों की हो या फिर शहरों में रहने वाले लोगों की हो, प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए बघेल सरकार ने योजनाएं बनाई है। आइए जानते हैं उन खास योजनाओं के बारे में, जिससे कांग्रेस छत्तीसगढ़ में वापसी कर रही है।
1. रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा योजना)
रीपा योजना के तहत महिला समूह को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने और आजीविका संवर्द्धन करने के लिए निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने महात्मा गांधी के गांव को आत्मनिर्भर बनाने का सपना पूरा करने के लिए इस योजना की शुरुआत की। इसके तहत गांव के परंपरागत व्यवसायियों को एक अवसर मिला है, जिससे वे अपने परंपरागत व्यवसाय के जरिए स्वयं के साथ-साथ अपने गांव को भी आत्मनिर्भर बना सकें।
यह भी पढ़ें- Chhattisgarh News24 Analysis: वो 10 महत्वपूर्ण सीटें, 2023 विधानसभा चुनाव में जिन पर कांटे की टक्कर
2. राजीव गांधी किसान न्याय योजना
बघेल सरकार ने किसानों के लिए भी दर्जनों हितैषी फैसले लिए हैं। इसी के बदौलत प्रदेश में लगातार तेजी से खेती-किसानी में नया आधुनिक बदलाव आ रहा है तथा राज्य के किसान आधुनिक खेती की ओर भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। वहीं, राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिलने वाली 9 हजार रुपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी से किसान पहले की तुलना में काफी सबल हुए हैं। सरकार के किसान हितैषी फैसलों के चलते राज्य में सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं।
3. गोधन न्याय योजना
शायद ही किसी ने सोचा होगा कि गाय के गोबर की व्यापार स्तर पर खरीदी होगी और इससे आम लोगों के जीवन में बदलाव होगा लेकिन, ऐसा बघेल सरकार ने कर दिखाया है। प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में गायों की महत्ता को समझते हुए 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन गोधन न्याय योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 2 रुपए प्रति किलो की दर से राज्य के पशुपालकों से गोबर और 4 रुपए की दर से गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। वहीं, इस योजना के लागू होते ही कई लोगों के जीवन में सुखद बदलाव देखने को मिल रहा है।
4. बिजली बिल हाफ योजना
बघेल सरकार द्वारा बिजली के बिल की समस्या को दूर करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ बिजली बिल हाफ योजना’ की शुरूआत की गई है। इसके तहत प्रदेश के लगभग 42 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से अब तक लगभग 2500 करोड़ की बिजली उपभोक्ताओं को उसके बिलों में राहत दी गई है। वहीं, सस्ते दर पर बिजली की उपलब्धता से उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से राहत मिली है।
5. मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान
प्रदेश के बच्चों में कुपोषण दूर करने और किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को अच्छी सफलता मिल रही है। इस योजना के तहत बच्चों के कुपोषण में काफी गिरावट आई है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में लगातार ध्यान दिया जा रहा है तथा इसके लिए सरकार की नवाचारी योजनाओं मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, दाई-दीदी क्लिनिक, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, हमर लैब, मलेरिया मुक्त बस्तर आदि योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
संबंधित खबरें
रायपुर में 40 हजार लोगों ने एक साथ सुनी ‘मन की बात’, BJP ने किया विश्व रिकॉर्ड का दावा
4 days agoछत्तीसगढ़ के बालोद में भीषण सड़क हादसा, ट्रक-पिकअप की टक्कर में गई 6 लोगों की जान, कई घायल
7 days agoअपनी सिम किसी और को दी तो 3 साल की जेल और 50 लाख तक जुर्माना, जानें सरकार के नए नियम
10 days agoअसम में भूपेश बघेल और गौरव गोगोई की सुरक्षा में बड़ी चूक, काफिले पर हुआ पथराव; गाड़ियों के शीशे टूटे
10 days agoबालोद में यात्री बस पलटी, कंडक्टर की मौत; 17 यात्री घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
13 days agoKal ka Mausam: यूपी-बिहार समेत 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया अपडेट
14 days agoछत्तीसगढ़: कोरबा में तालाब में डूबने से 3 बच्चियों की मौत; तीनों नहाने गई थीं
14 days agoKal ka Mausam: 16 घंटे में 21 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का अपडेट
14 days agoकांकेर में 2019 के हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद, एनआईए की विशेष अदालत का फैसला
15 days agoKal ka Mausam: 20 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, 80 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
16 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines