Chhattisgarh First Phase Voting Update: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 20 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। इस दौरान मतदान के दिन नक्सलियों ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, कांकेर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में जमकर विरोध किया। नक्सलियों ने मतदान को प्रभावित करने के लिए IED ब्लास्ट करने के साथ जवानों पर फायरिंग भी की। एक तरफ मतदान जरूर संपन्न हो चुका है लेकिन, अभी भी मतदान दलों को वापस लाना बस्तर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। दरअसल, जिन इलाकों में पहली बार मतदान हुआ है, उन इलाकों के मतदान दल अभी तक वापस नहीं लौटे हैं।
वापस लाने का सिलसिला जारी
आयोग द्वारा नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटों पर हजारों जवानों की तैनाती बीच चुनाव संपन्न कराया गया है लेकिन, इस दौरान दुर्भाग्यवश सुकमा और बीजापुर में हुए अलग-अलग नक्सली वारदातों में CRPF बटालियन के कोबरा के छह जवान घायल हो गए। वहीं, कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों की गोली से खेत में काम कर रहा एक किसान भी बुरी तरह से जख्मी हो गया। इस बीच सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मतदान संपन्न कराने के बाद इन्हें पोलिंग बूथ के पास बने पुलिस कैंप में ही सुरक्षित रखा गया है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की सहायता से मतदान दलों को वापस लाने का सिलसिला जारी है, लेकिन जिन मतदान दलों को सड़क के रास्ते मुख्यालय तक लाना है, उनके लिए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने में लगी हुई है।
शांतिपूर्ण मतदान कराना चुनौतीपूर्ण
आयोग द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न कराना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि, नक्सलियों के विरोध के बीच मतदान संपन्न हो चुका है, लेकिन इस मतदान में CRPF के जवानों को नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया है। भले ही यहां मतदान संपन्न हो चुका है, लेकिन अभी भी अति नक्सल प्रभावित इलाकों में बने मतदान केंद्रों में चुनाव कराने गई, कई पोलिंग पार्टीज वापस नहीं लौटी हैं।
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छह जवान हुए हैं घायल
वहीं, बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर में नक्सल मोर्चे पर तैनात जवान और चुनाव आयोग से भेजी गई अतिरिक्त फोर्स ने अपना साहस दिखाते हुए बस्तर के 12 विधानसभा सीटों पर सफल मतदान कराने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि लेकिन, दुर्भाग्यवश कुछ इलाकों में सीआरपीएफ के जवानों को नुकसान भी हुआ है। इस दौरान अलग-अलग घटनाओं में छह से सात जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं, जवानों ने मतदान को प्रभावित करने वाले नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
हेलीकॉप्टर की ली जा रही मदद
आईजी ने बताया कि नक्सलियों की कोशिश थी किसी भी तरह से मतदान दलों को केंद्रों तक जाने से रोका जाए, इसके लिए उन्होंने जवानों पर फायरिंग करने के साथ आईईडी ब्लास्ट करने जैसे वारदातों को भी अंजाम दिया। उन्होंने आगे बताया कि इसके बावजूद बेहतर तरीके से चुनाव संपन्न कराकर कुछ मतदान दल वापस लौट चुके हैं, लेकिन अभी भी सुकमा ,दंतेवाड़ा, बीजापुर के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पोलिंग पार्टीज फंसी हुई है, जिन्हें पूरी सुरक्षा के बीच वापस लाने की कोशिश पुलिस कर रही है, साथ ही कई जगहों पर हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है।
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