छत्तीसगढ़ के 8 पूर्व मंत्री, जो पिछली बार चुनाव हारे; फिर भी भाजपा इनके सहारे

Chhattisgarh assembly election 2023: छत्तीसगढ़ में जीत के लिए लगातार भाजपा और कांग्रेस में टक्कर हो रही है। बीजेपी की ओर से अभी प्रदेश की 85 सीटों पर कैंडिडेट घोषित किए जा चुके हैं। वहीं, कुल 90 सीटों पर चुनाव होना है। 5 प्रत्याशी किसी भी समय बीजेपी घोषित कर सकती है।

Chhattisgarh Assembly Elections 2023, Chhattisgarh BJP
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Chhattisgarh assembly election 2023: भाजपा और कांग्रेस छत्तीसगढ़ में जीत के लिए लगातार पसीना बहा रही है। बीजेपी की ओर से 85 सीटों पर कैंडिडेट्स का एलान किया जा चुका है। उसे पांच और सीटों पर प्रत्याशियों का एलान करना है। अभी तक भाजपा 16 पूर्व मंत्रियों पर दांव लगा चुकी है। भाजपा की लिस्ट में अब तक केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद रेणुका सिंह, सांसद गोमती साय के नाम शामिल हैं। पार्टी की ओर से भाजपा अध्यक्ष अरुण साव के अलावा सांसद विजय बघेल को भी मैदान में उतारा गया है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय के सहारे भी जीत की कवायद की जा रही है।

इन हारे हुए पूर्व मंत्रियों को मिली टिकट

रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत, भिलाई नगर से प्रेम प्रकाश पांडेय, बैकुंठपुर से भैयालाल राजवाड़े को उतारा गया है। वहीं, प्रताप नगर से रामसेवक पैकरा, बिलासपुर से अमर अग्रवाल और नवागढ़ से दयालदास बघेल पर दांव खेला गया है। नारायणपुर से केदार कश्यप और बीजापुर से महेश गागड़ा को टिकट दी गई है।

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जो पूर्व 16 मंत्री उतारे गए हैं, उनमें पूर्व सीएम रमन सिंह का नाम भी शामिल है। उनके 3 कार्यकाल में ये 16 लोग जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। खास बात है कि भाजपा ने इस बार कोई सीएम फेस नहीं किया है। माना जा रहा है कि इस बार पार्टी पीएम मोदी के सहारे पार पाने की कोशिश में है। जिस हिसाब से टिकट वितरण हुआ है, कहा ये भी जा सकता है कि पार्टी पुराने चेहरों को नाराज नहीं करना चाहती। जो 16 पूर्व मंत्री मैदान में उतारे गए हैं, वे पूर्व सीएम रमन सिंह के खास माने जाते हैं।

भाजपा ने अभी तक दो बार में अपने 85 प्रत्याशियों का एलान किया है। आदिवासी नेता होने के कारण इस बार विधानसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह को उतारा गया है। माना जा रहा है कि वे क्षेत्र में अपनी अच्छी पकड़ रखती हैं। यहीं से पूर्व मंत्री रामविचार नेताम भी लड़ रहे हैं। सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर फिलहाल कांग्रेस जीती हुई है। बिलासपुर संभाग से भाजपा की ओर से पुन्नूलाल मोहिले, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अमर अग्रवाल और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर को मैदान में उतारा गया है।

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अपनी पुरानी सीट से ही मैदान में रमन सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव सीट से लड़ रहे हैं। वे पिछली बार भी यहीं से लड़े थे। इसी संभाग से भाजपा ने प्रेमप्रकाश पांडेय व दयालदास बघेल को मौका दिया है। दोनों पूर्व मंत्री रहे हैं। वहीं, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत और अजय चंद्राकर भी भाजपा ने दांव लगाया है। ये लोग पूर्व मंत्री रहे हैं। रायपुर संभाग में कुल 20 सीटें हैं। जिसमें से 14 कांग्रेस, एक जकांछ और 5 भाजपा के पास हैं।

बस्तर संभाग से भाजपा ने रमन कैबिनेट में शामिल रहे चेहरों को मौका दिया है। यहां से महेश गागड़ा, केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी और लता उसेंडी को मैदान में उतारा गया है। लता के जिम्मे संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी है। बस्तर में पिछली बार भाजपा का प्रदर्शन लोकसभा और विधानसभा में खराब रहा था। माना जा रहा है कि इसी कारण लता को जिम्मेदारी दी गई है। यहां की सभी 12 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।

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