Bijapur Naxalite Attack : छत्तीसगढ़ के बीजापुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बड़ा नक्सली हमला हुआ। पहले घात लाकर बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की वैन को निशाना बनाया। उन्होंने पिकअप वैन में आईईडी से ब्लास्ट किया, जिससे ड्राइवर समेत 9 जवान शहीद हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
यह घटना बीजापुर जिले की कुटरू-बेदरे सड़क पर घटी। सुरक्षा बलों के जवान अबूझमाड़ इलाके में एक संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम देकर अपने कैंप लौट रहे थे। रास्ते में पहले से नक्सली घात लगाकर बैठे हुए थे। जैसे ही जवानों की वैन कुटरू थाना क्षेत्र के अम्बेली गांव के पास पहुंची, वैसे ही नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया और वैन को उड़ा दिया।
संयुक्त अभियान से लौट रहे थे जवान
इस घटना को लेकर आईजी बस्तर ने बताया कि बीजापुर में नक्सलियों द्वारा IED विस्फोट के जरिए वाहन उड़ाए जाने से ड्राइवर समेत दंतेवाड़ा के 9 DRG जवान शहीद हो गए। वे दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर के संयुक्त अभियान से लौट रहे थे। पुलिस टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया और नक्सलियों की तलाश तेज कर दी है।
4 जनवरी को मारे गए थे 4 नक्सली
नक्सलियों ने जिस DRG टीम पर IED ब्लास्ट किया, उसी टीम ने 3 जनवरी को नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव जिलों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच 4 जनवरी को अबूझमाड़ में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 4 नक्सली मारे गए थे। उनके पास से एके 47 और SLR जैसे ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए थे, जबकि मुठभेड़ में दंतेवाड़ा DRG के हेड कांस्टेबल सन्नू कारम शहीद हो गए थे। ठीक उसके बाद आज जब टीम वापस कैंप आ रही थी, तभी हमला किया गया।
रमन सिंह ने नक्सलियों पर साधा निशाना
नक्सली हमले को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ जब-जब बड़ी मुहिम चलाई जाती है तब-तब वे इस तरह की कायराना हरकत करते रहते हैं। राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अपना अभियान और तेज करेगी। किसी भी हाल में सरकार न झुकेगी और न डरेगी। नक्लसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती रहेगी।
डिप्टी सीएम का भी आया बयान
बीजापुर आईईडी ब्लास्ट पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बीजापुर से नक्सलियों द्वारा कायराना हमले की सूचना मिली है। उन्होंने जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त की। यह एक कायराना हरकत है। जवान नक्सलियों को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने हताशा और निराशा के कारण ऐसा किया है। जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।