कौन हैं नुसरत परवीन? जो बिहार के हिजाब विवाद से हुई थीं चर्चित, 23 दिन बाद ज्वाइन की जॉब

Bihar Hijab Controversy: बिहार के हिजाब प्रकरण से चर्चित हुईं डॉक्टर नुसरत परवीन ने 23 दिन बाद नौकरी ज्वाइन कर ली है. नुसरत की जॉइनिंग को लेकर अधिकारियों पर भी प्रेशर था इसलिए उन्होंने सिविल सर्जन के पास ना जाकर सीधे विभाग पहुंचकर ज्वाइन किया. नुसरत परवीन वहीं आयुष डॉक्टर हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 दिसंबर को नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान जिनका हिजाब हटाया था तो विवाद हुआ था, जो बाद में सुलझ गया था. पढ़ें पटना से सौरभ कुमार की रिपोर्ट

NITISH KUMAR and nusrat friend

Bihar Hijab Controversy: बिहार के हिजाब प्रकरण से चर्चित हुईं डॉक्टर नुसरत परवीन को ज्वाइन करवाने के लिए विभाग को दो बार आखिरी डेट बढ़ानी पड़ी. आखिरकार 23 दिन बाद डॉक्टर नुसरत परवीन नौकरी ज्वाइन कर ली है. नुसरत की जॉइनिंग को लेकर अधिकारियों पर भी प्रेशर था इसलिए उन्होंने सिविल सर्जन के पास ना जाकर सीधे विभाग पहुंचकर ज्वाइन किया. नुसरत परवीन वहीं आयुष डॉक्टर हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 दिसंबर को नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान जिनका हिजाब हटाया था तो विवाद हुआ था, जो बाद में सुलझ गया था. 20 दिसंबर जॉइनिंग की लास्ट डेट थी इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर किया गया,फिर इसे बढ़ाकर अब 7 जनवरी किया गया है. मतलब आज नुसरत के पास जॉइनिंग का आखिरी मौका था.

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20 दिसंबर को ज्वाइनिंग का आखिरी दिन

डॉक्टर नुसरत समेत सभी नव नियुक्त चिकित्सकों को 20 दिसंबर को ज्वाइन करना था. 19 दिसंबर को नुसरत परवीन की सहयोगी ने भी मीडिया के सामने कहा था कि नुसरत 20 दिसंबर को ज्वाइन कर लेंगी, लेकिन नुसरत नहीं आईं. उसके बाद आखिरी डेट को बढ़ाकर 31 दिसंबर किया गया, नुसरत ने ज्वाइन नहीं किया तो आखिरी डेट को दोबारा बढ़ाकर 7 जनवरी कर दिया गया. साथ ही, यह भी कहा गया कि अगर 7 जनवरी तक नुसरत ज्वाइन नहीं करतीं तो नुसरत को ज्वाइनिंग के लिए फिर से स्वास्थ्य विभाग से इजाजत लेनी होंगी. पटना के सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह के अनुसार अकेली नुसरत ही नहीं, 13 अन्य डाक्टर भी अपनी डयूटी ज्वाइन नहीं कर पाए, उसके बाद से नुसरत कहां थीं. इसे लेकर किसी के पास कोई जानकारी नहीं थी. जॉइनिंग के बाद भी नुसरत ने मीडिया से दूरी बनाई रखी और कैमरे के सामने कुछ भी नहीं कहा.

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कैसे सुलझा था हिजाब विवाद?

बिहार में चर्चित हुआ हिजाब विवाद तब सुलझा जब मामले की सच्चाई सामने आई. पूरे घटनाक्रम को गलत अर्थों में लिया जा रहा था. मुख्यमंत्री नीतीश की नजर जब खुशी मनाने में मशगूल बच्चों के बीच उस बच्ची पर पड़ी. चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई न देने पर उन्होंने सहज भाव से पूछा कि चेहरा क्यों ढका हुआ है और बेहतर फोटो के लिए हिजाब हटाने की बात कही. इसी क्रम में उन्होंने अपने हाथ से हिजाब हटाया, जिसे अब बेवजह विवाद का रूप दिया गया. परिवार का भी कहना था कि एक अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री चाहते थे कि बच्चे के चेहरे पर मुस्कान दिखे. वहीं नुसरत परवीन को झारखंड सरकार ने भी सरकारी नौकरी का ऑफर दिया था. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने उन्हें मनचाही पोस्टिंग, सैलरी समेत कई लुभावने प्रस्ताव दिए थे.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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