false'मैं शपथ लेता हूं.. कभी शराब का सेवन नहीं करूंगा', जाम छलकाया तो छाती पर 'लिखकर' घूमना होगा
Author: Gaurav Pandey
2024-02-23 11:19:51
अमित कुमार अन्नु, सहरसा
Bihar Saharsa Putting Badge on People Caught Drinking Alcohol : बिहार के सहरसा में शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए अनोखा रास्ता अपनाया जा रहा है। यहां शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों को एक खास बैज लगाकर अदालत में भेजा रहा है। इस बैज पर लिखा है ‘मैं सत्यनिष्ठा के साथ शपथ लेता/लेती हूं कि मैं आजीवन शराब का सेवन नहीं करूंगा/करूंगी और शराब बंदी को लागू करने में अपना पूर्ण सहयोग दूंगा/दूंगी’। शराब बंदी को लेकर इस पहल की खूब सराहना भी हो रही है।
गिरफ्तार किए गए लोगों को लगाया बैज
इसी बीच यहां पुलिस ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप और देसी शराब के साथ करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए 12 लोगों को यह बैज पहनाया गया है और फिर एकसाथ अदालत भेजा गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन कारोबारी भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार इन लोगों के पास से कोरेक्स की 546 बोतलें और 7 लीटर देशी शराब बरामद की गई है। प्रशासन का कहना है कि बैज का फैसला शराब के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए उठाया गया है।
शराब के खिलाफ जागरूकता की पहल
इसे लेकर मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर संजीत कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी के दौरान कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शराब पीने के आरोप में जिस भी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा रहा है, उसे विभाग की ओर से शराब न पीने का बैज लगाकर वापस भेजा जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य शराब न पीने का प्रचार-प्रसार करना है और लोगों को जागरूक करना है। इंस्पेक्टर संजीत कुमार ने आगे कहा कि इस फैसले से शहर शराब पीने वालों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
ये भी पढ़ें: लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का नीतीश कुमार पर तीखा हमला
ये भी पढ़ें: तेजस्वी यादव व RJD के खिलाफ एक्शन मोड में आई नीतीश सरकार
ये भी पढ़ें: डिप्टी सीएम का पद गया, सरकार भी गई… अब तेजस्वी का क्या होगा?
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines