बांकीपुर उपचुनाव के बीच हिरासत में लिए गए JSP के कार्यकर्ता, सड़क पर उतरे प्रशांत किशोर; पुलिस ने बताई एक्शन की वजह

Bankipur Assembly Seat: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान जन सुराज के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर हड़कंप मच गया. पटना पुलिस ने प्रशांत किशोर के आरोपों का खंडन करते हुए बाहरी लोगों को हिरासत में लेने की वजह बताई. उधर मतदान के दिन गोलघर चौराहे पर प्रशांत किशोर और पुलिस अफसरों के बीच तीखी नोकझोंक हुई.

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Bankipur Assembly Seat : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बवाल बढ़ गया है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) के आरोपों के बाद पटना पुलिस ने अपनी स्थिति साफ की है. वहीं, मतदान के दिन गोलघर चौराहे पर भारी हंगामे के बीच प्रशांत किशोर खुद सड़कों पर उतर आए. प्रशांत किशोर ने जन सुराज के नेताओं की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा, बोले- अगर जनसुराज के किसी कार्यकर्ता से कोई गलती हुई है तो कानूनी तौर से वह सजा भूगतेंगे हम लोग उसके लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी हालत में इस बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि जन सुराज के नेताओं को पुलिस पकड़ के यह अभी तक नहीं बता रही कि वे लोग कहां हैं।

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प्रशांत किशोर द्वारा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के आरोपों पर पटना पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्टीकरण दिया है.पुलिस के अनुसार, मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले लागू ‘साइलेंस पीरियड’ के दौरान चुनाव प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है. नियम के तहत जो लोग उस क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं तो उन्हें क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य होता है.

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नियमित जांच अभियान के दौरान कुछ बाहरी लोग क्षेत्र में पाए गए. चुनाव आयोग के निर्देशों और शांतिपूर्ण मतदान कराने के उद्देश्य से ही उन्हें प्रिवेंटिव (निवारक) हिरासत में लिया गया. पुलिस ने साफ किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए की गई है.

गोलघर चौराहे पर सड़क पर उतरे प्रशांत किशोर

दूसरी तरफ, मतदान के दिन स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पटना के गोलघर चौराहे के पास पुलिस ने जन सुराज के दो और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. इसके विरोध में स्थानीय लोग भड़क गए, जिसके बाद प्रशांत किशोर खुद मौके पर पहुंच गए. प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन लगातार उनके कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहा है. घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ममता कल्याणी भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं. इस दौरान प्रशांत किशोर और जन सुराज नेता किशोर कुमार मुन्ना की सिटी एसपी के साथ तीखी बहस और नोकझोंक हुई.

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बीजेपी के इशारे पर समर्थकों को उठाने का आरोप

थाने के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं पिछले कई घंटों से यहां डेरा डाले हुए हूं. पुलिस मेरे 16 से अधिक समर्थकों के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दे पा रही है, जिन्हें बेवजह हिरासत में लिया गया है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसे आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं मान रहे हैं, क्योंकि पुलिस के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है कि किस व्यक्ति पर क्या मामला दर्ज है. पीके ने आरोप लगाया कि समर्थकों को पहले जक्कनपुर थाने में रखा गया और बाद में बिना किसी स्पष्ट जानकारी के अलग-अलग थानों में भेज दिया गया.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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