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सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में बनेगा माता सीता का भव्य मंदिर! जानिए इसके बारे में खास बातें

पटना में आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में मां सीता मंदिर की आधारशिला रखने जा रहे हैं। चलिए जान लेते है इस मंदिर के बारे में कुछ खास बातें।

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बिहार के पटना में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में मां सीता मंदिर की आधारशिला रखेंगे। उन्होंने अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि पूरे भारत के लिए और खासकर मिथिला वालों के लिए काफी शुभ दिन है। जब सीतामढ़ी में आज मां सीता की जन्मस्थली पर ‘पुनौरा धाम मंदिर’ की आधारशिला रखी जाएगी। इसके बनने से राज्य के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी। जैसे राम मंगिर बनने के बाद वहां के लोगों आत्मनिर्भर बने हैं।

इसी तरह मां सीता मंदिर बनने के बाद बिहार के रेवेन्यू बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। वहीं, यहां आने वाले भक्तों के लिए अच्छी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सीतामढ़ी-दिल्ली अमृत भारत ट्रेन को मंजूरी दी है। यह मंदिर 900 करोड़ की लागत से बन रहा है। आज इस खास अवसर पर अयोध्या समेत देश भर से कई बड़े साधु-संत पटना पहुंच रहे हैं। चलिए इस ऐतिहासिक मां सीता मंदिर के बारे कुछ रोचक बातें जान लेते हैं।

मंदिर के परिसर में क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं

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नए मंदिर के अलावा पर्यटन को भी रफ्तार मिलेगी। इनमें यज्ञ के लिए मंडप, पर्यटकों के लिए म्यूजियम, ऑडिटोरियम, कैफेटेरिया, बच्चों के लिए प्ले ग्राइंड, सीता वाटिका, लवकुश वाटिका, धर्मशाला, भजन-कीर्तन करने की जगह, पैसेंजर डॉरमेट्री बिल्डिंग, यात्रियों के लिए गेस्ट हाउस, ई-कार्ट स्टेशन, मिथिला हाट, पार्किंग मार्ग प्रदर्शनी आदि शामिल हैं।

मां सीता मंदिर के बारे में जरूरी बातें

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मां सीता मंदिरों का पौराणिक महत्व रामायण और हिंदू धर्म से जुड़ा हुआ है। मां सीता को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है। सीता माता के मंदिर न केवल भक्ति और पवित्रता को दिखाता है, बल्कि नारी शक्ति और त्याग की भावना को भी बताता है। मां सीता मंदिरों का रामायण से संबंध है, जिसका सीता माता रामायण की केंद्रीय पात्र हैं। उनके मंदिर उन जगहों पर खासतौर से महत्वपूर्ण हैं, जो रामायण की कई घटनाओं से जुड़े हैं, जैसे सीतामढ़ी (जहां सीता मां का जन्म हुआ) है।

उन्हें माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि माता सीता का जीवन हर किसी को पतिव्रता नारी का रूप, त्याग, धैर्य और समर्पण के बारे में हमें सिखाता है। मां सीता का जीवन एक तरह से हर किसी को उनका बलिदान और पवित्रता को दिखाता है। पुनौरा गांव में जानकी मंदिर है और इसके पास में जानकी कुंड है, जहां नहाने से संतान प्राप्ति होती है। यह सब पौराणिक कथाओं में बताया गया है।

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प्रमुख मंदिरों की कुछ रोचक बातें

सीतामढ़ी को जानकी मां सीता के जन्मस्थान माना जाता है और कहा जाता है कि राजा जनक को मां सीता धरती से मिलीं थीं। अयोध्या में उनकी पूजा-अर्चना भगवान राम के साथ होती है। इसके अलावा सीता कोट्टई जो तमिलनाडु में है वो उस जगह से जुड़ा है, जहां रावण ने सीता माता का अपहरण किया था। इस मंदिर में भक्त उनके धैर्य की पूजा करते हैं। सीता मंदिर महिलाओं के नारीत्व, मातृत्व, और शक्ति का प्रतीक हैं। आपको बता दं, नवरात्रि, रामनवमी और सीता जयंती जैसे अवसरों पर इन मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाती है।

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