पटना हॉस्पिटल संचालिका सुरभि राज हत्याकांड में उस शख्स की गिरफ्तारी हो गई, जिसने हत्या की पूरी प्लानिंग के साथ सबूतों को भी नष्ट किया था। इस घटना में अभी तक ‘पति-पत्नी और वो’ की कहानी सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति और महिला स्टॉफ समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के पास इनके खिलाफ डिजिटल एयर फॉरेंसिक एविडेंस हैं।
पटना सिटी के सहायक पुलिस अधीक्षक अतुलेश झा का कहना है कि इस हत्याकांड में मृतका सुरभि राज के पति राकेश रोशन उर्फ चंदन सिंह, एशिया हॉस्पिटल की महिला स्टाफ, रमेश कुमार उर्फ अतुल कुमार, अनिल कुमार और मसूद आलम शामिल हैं। हालांकि, अभी कुछ गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं। आरोपियों के पास से मृतका के एक मैकबुक, एचपी कंपनी का प्रो बुक, अंग्रेजी शराब की 3 बोतलें, कई पेन ड्राइव और 15 सिम कार्ड मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मृतका के पति ने हत्या की पूरी साजिश रची थी और साथ ही सबूतों को भी नष्ट किया था। राकेश रोशन के बार-बार बदलते बयानों ने शक और गहरा दिया था। इस कांड में फॉरेंसिक जांच से पुलिस को कई सुराग हाथ लगे थे।
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क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि पटना में शनिवार को एशिया हॉस्पिटल की संचालिका सुरभि राज की हत्या से सनसनी फैल गई थी। सुरभि राज की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी उस वक्त चौंक गए, जब देखा कि जिस कमरे में सुरभि राज को 5 गोलियां मारी गई थीं, वहां खून का एक कतरा भी नहीं था। घटनास्थल को पूरा साफ कर दिया गया था। घटना के दो घंटे के बाद पुलिस को इसकी सूचना मिली थी, जबकि जिस जगह गोली चली हो वहां एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं मिला, जिसने कहा हो कि उसने गोली की आवाज सूना है। यही नहीं हॉस्पिटल के अंदर के सभी सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। ऐसे में पुलिस के लिए यह बिल्कुल ब्लाइंड केस था।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट को मिले ये सबूत
पुलिस ने मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक की टीम को बुलाया। फॉरेंसिक टीम जब मौके पर पहुंची तो तब तक कमरा पूरी तरह से साफ किया हुआ था, लेकिन यहां फॉरेंसिक एक्सपर्ट को वो सबूत मिले, जो पुलिस को नहीं मिले थे। हत्यारे ने सबूत छोड़ दिए थे। कमरे में एक चश्मे के अलावा एक कैप मिला। हॉस्पिटल के तीसरे फ्लोर पर जहां सुरभि का केबिन था, वहां सीसीटीवी नहीं था। सुरभि के कमरे में बिना इजाजत कोई जाता भी नहीं था। जांच के दौरान सुरभि के केबिन से शराब की बोतलें मिलीं। इसके अलावा ब्लड के सैंपल भी मिले, लेकिन केबिन से मिले कैप की पहचान हॉस्पिटल के बाहर लगे कैमरे में कैद एक वैसे युवक से हुई, जिसने इसी कैप को लगाकर अपना चेहरा छुपा रखा था।
जानें कैसे हुआ पुलिस को शक?
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस का शक उस शख्स पर गया, जिसने बार-बार अपने बयान बदले। दरअसल, सुरभि राज की हत्या के पीछे पुलिस को एक वैसी महिला डॉक्टर की भूमिका का पता चला है, जिसका आना जाना सुरभि को नागवार लगता था। इस बात को लेकर कई बार पति-पत्नी में झगड़ा भी हुआ था। सुरभि के पति राकेश रोशन के बारे में भी पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। राकेश रोशन 4-5 साल पहले तक पटना के बाईपास में एक हॉस्पिटल में फोर्थ ग्रेड कर्मचारी था, लेकिन धीरे-धीरे मैनेजमेंट में उसकी पकड़ बढ़ती गई और फिर वह सरकारी मेडिकल स्कीम में सेटिंग कर हॉस्पिटल को करोडों का मुनाफा देने लगा और फिर अपना हॉस्पिटल खड़ा कर लिया। सुरभि राज के साथ उसने प्रेम विवाह किया था। हॉस्पिटल के अलावा राकेश रोशन रियल स्टेट का भी काम करता था।
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