पटना में बाढ़ का कहर, शहर तक पहुंचा गंगा का पानी, दीघा में डूबे कई घर, सीएम सम्राट ने किया हवाई सर्वे

Flood In Patna: पटना और उसके आसपास कई नदियों का जलस्तर तेजी बढ़ रहा है, नदी के आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, ऐसे में सीएम सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया है.

Bihar Flood @samrat4bjp

पटना में बाढ़ जैसे हालात (Photo-X/@samrat4bjp)

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Patna Flood: गंगा, सोन, पुनपुन और दरधा नदियों में लगातार बढ़ते जलस्तर ने पटना जिले में बाढ़ का संकट गंभीर कर दिया है. अब इसका असर केवल दियारा और ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई इलाकों में भी पानी घुसने लगा है. दानापुर, मनेर, मोकामा और बख्तियारपुर के कई इलाकों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

दीघा की बिंद टोली में डूबे घर

पटना के दीघा इलाके की बिंद टोली में बाढ़ का पानी घुसने के बाद कई घर पानी में डूब गए हैं. बताया जा रहा है कि करीब 1500 परिवार जेपी गंगा पथ पर प्लास्टिक के टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं. विस्थापित लोगों के सामने पीने के साफ पानी और भोजन की समस्या भी बनी हुई है.

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बाढ़ के कारण जिले के अलग-अलग पंचायतों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान और मक्का की फसल पानी में डूब गई है. कई ग्रामीण सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है. बड़ी तादाद में लोग अपने घरों में फंसे हैं या ऊंची जगहों, रेलवे स्टेशन, स्कूलों और सड़कों पर शरण ले रहे हैं.

इस्लामगंज गांव बना टापू

मनेर का इस्लामगंज गांव गंगा और सोन नदियों के बीच स्थित है. चारों तरफ पानी फैलने से ये इलाका तकरीबन टापू में बदल गया है. गांव से बाहर निकलने के लिए अब नाव ही इकलौता सहारा रह गया है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाना बनाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

मोकामा में भी परेशानी

मोकामा के दियारा इलाकों में भी गंगा का पानी कई गांवों तक पहुंच चुका है. शिवनार पंचायत के जंजीरा दियारा और कसहा दियारा के करीब 5 गांव पर असर पड़ा है. जंजीरा दियारा से 150 से ज्यादा लोग अपने मवेशियों के साथ मोकामा प्रखंड कार्यालय पहुंचे और वहीं शरण ली. स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत के इंतजाम अभी पर्याप्त नहीं हैं.

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दानापुर और बख्तियारपुर में भी संकट

दानापुर दियारा की सभी 6 पंचायतों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है. बड़ी संख्या में परिवार अपने पशुओं के साथ बलदेव इंटर स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचे हैं. वहीं, बख्तियारपुर के दियारा क्षेत्रों में कई कच्चे और झोपड़ीनुमा मकानों के गिरने की खबर है.

धनरुआ में टूटा तटबंध

धनरुआ प्रखंड के बीर इलाके में दरधा नदी के उफान के बीच महुआतड़ के पास तटबंध करीब 20 से 25 फीट तक टूट गया. इसके बाद तकरीबन 30 घरों में पानी घुस गया. ग्रामीणों ने रात में तटबंध पर शरण ली. आसपास के कई गांवों के खेत भी पूरी तरह डूब गए हैं.

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सीएम सम्राट ने किया हवाई सर्वे

बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक वक्त पर मदद पहुंचाने के निर्देश दिए. सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

पटना में पिछली बार कब आई थी बाढ़?

पटना में आखिरी बार सितंबर 2019 में लगातार भारी बारिश के बाद पटना में भीषण जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी. राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कुर्जी और बोरिंग रोड समेत शहर के बड़े हिस्से में पानी भर गया था।. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान बिहार में करीब 97 लोगों की मौत हुई थी, जबकि राज्य में लाखों लोग प्रभावित हुए. उस वक्त जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव करीब 100 कार्यकर्ताओं के साथ डूबे इलाकों में पहुंचे. उन्होंने कमर तक पानी में उतरकर फंसे लोगों तक खाना, दूध और दवाइयां पहुंचाईं. बाढ़ का पानी कम होने के बाद उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल कैंप भी लगाए.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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