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AI से बनाई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की आपत्तिजनक वीडियो, जन सुराज का कार्यकर्ता गिरफ्तार

बिहार पुलिस ने जन सुराज पार्टी के एक कार्यकर्ता पर बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि कार्यकर्ता ने एआई से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की आपत्तिजनक फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मोबाइल जब्त किया लिया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

एक बार फिर एआई वीडियो पर विवाद हुआ है। हाल ही में वोट चोरी के आरोप में कांग्रेस ने पीएम मोदी, आडाणी और चुनाव पर कई एआई वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। शिकायत के बाद कोर्ट ने कांग्रेस को फटकार भी लगाई थी। कोर्ट ने सभी वीडियो सोशल मीडिया से डिलीट करवाए थे।

अब एक बार फिर एआई से फर्जी वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। इस बार बिहार में जन सुराज पार्टी के एक कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की एआई की मदद से फर्जी वीडियो बनाई है। मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस ने जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता नागेंद्र सहनी को गिरफ्तार किया है।

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ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि 2 जनवरी को सोशल मीडिया के माध्यम से एआई जेनरेटेड फर्जी वीडियो की जानकारी मिली थी। जांच में आया कि वीडियो और ऑडियो को एआई तकनीक से एडिट कर राष्ट्रपति की आवाज में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। मामला संज्ञान में आते ही साइबर थाने में प्रमोद कुमार राज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

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पुलिस के अनुसार इस फर्जी डिजिटल सामग्री को प्रसारित करने का उद्देश्य आम जनता में भ्रम फैलाना, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों की गरिमा, प्रतिष्ठा और विश्वास को ठेस पहुंचाना था। साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास उत्पन्न करना, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना भी इसके पीछे का मकसद माना जा रहा है। पुलिस ने आशंका जताई है कि इस तरह की सामग्री से राष्ट्र विरोधी भावना, अफवाह और सामाजिक अशांति फैल सकती थी।

केस में साइबर डीएसपी ने विशेष टीम बनाई थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस अब उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, जिसके लिए बोचहां समेत अन्य थानों से संपर्क किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रमोद कुमार राज पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज के लिए काम कर चुका है और बोचहां क्षेत्र में इंटरनेट मीडिया प्रभारी की भूमिका निभा चुका था।

आरोप है कि वह युवाओं को सोशल मीडिया से कमाई की तकनीक का प्रशिक्षण भी देता था। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की एआई से तैयार फर्जी आवाज वाला वीडियो उसने अपनी सोशल मीडिया आईडी पर अपलोड किया था, जिसकी शिकायत के बाद साइबर सेल हरकत में आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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