Dhirendra Shastri In Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धर्मगुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर धाम सरकार के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर निशाना साधा है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हिंदू राष्ट्र की आग बिहार से प्रज्वलित होगी। बता दें कि ‘बाबा बागेश्वर’ पांच दिन के लिए बिहार की राजधानी पटना प्रवास पर है।
शास्त्री की टिप्पणी की निंदा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हिंदू राष्ट्र के बारे में इस तरह की टिप्पणी करने वाले लोग तब पैदा भी नहीं हुए थे जब संविधान अस्तित्व में आया था। उन्होंंने बाबा को सलाह देते हुए कहा कि स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ने के बाद संविधान अस्तित्व में आया, जो सभी को स्वीकार्य होना चाहिए। जो लोग ऐसा कह रहे हैं वे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पैदा हुए थे? ऐसा कहने की क्या आवश्यकता है? क्या यह संभव है?
नीतीश कुमार बोले- हमारी सरकार किसी की आस्था में हस्तक्षेप नहीं करती
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के सीएम ने आगे कहा कि राज्य सरकार किसी की आस्था में हस्तक्षेप नहीं करती है और वे यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी को अपनी इच्छानुसार पूजा करने का अधिकार मिले।
भीड़ को ‘पागल’ कहने पर तेज प्रताप यादव ने शास्त्री की खिंचाई की
शास्त्री ने अपने ‘दिव्य दरबार’ सत्र के दौरान कथित तौर पर अपने अनुयायियों को ‘पागल’ कहा था क्योंकि उन्हें कार्यक्रम स्थल की क्षमता से अधिक भीड़ पर चिंताओं का हवाला देते हुए ‘आरती’ रद्द करनी पड़ी थी। उनके इस बयान पर बिहार सरकार के मंत्री तेज प्रताप यादव ने आपत्ति जताई थी।
शास्त्री ने कहा था, ‘अब बहुत भीड़ है, बहुत भीड़ है… पागल लोग आ गए हैं
बिहार के पूर्व सीएम और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव ने शास्त्री की टिप्पणी के लिए उनकी खिंचाई की। तेज प्रताप यादव ने कहा कि ये बाबा बिहारियों को गाली दे रहा है और उन्हें पागल कह रहा है। देश को बांटने की राजनीति की जा रही है।
लालू यादव ने पूछा- कौन बाबा?
धीरेंद्र शास्त्री को पटना में एक कार्यक्रम करने से नहीं रोके जाने के बारे में पूछे जाने पर लालू प्रसाद यादव ने कहा, “कौन बाबा? क्या वह बाबा हैं?” इससे पहले सोमवार को पटना के नौबतपुर इलाके में धीरेंद्र शास्त्री के ‘दिव्य दरबार’ सत्र के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु बीमार पड़ गए थे।
भाजपा सांसद राम कृपाल यादव ने राज्य सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया और कहा कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के ‘दिव्य दरबार’ में रविवार के सत्र के दौरान उमस और कार्यक्रम स्थल के अंदर भारी भीड़ के कारण सैकड़ों से अधिक श्रद्धालु बीमार पड़ गए।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रसिद्धि का दावा
बागेश्वर धाम मंदिर के 26 वर्षीय मुख्य पुजारी जनवरी में तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे, जब एक प्रसिद्ध तर्कवादी ने उनके दावों पर सवाल उठाया कि उनके पास उपचार करने की शक्तियां हैं और वे लोगों के दिमाग को पढ़ सकते हैं।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के माध्यम से अंधविश्वास विरोधी आंदोलन चलाने वाले श्याम मानव ने शास्त्री द्वारा चुने गए 10 लोगों के दिमाग को सही ढंग से पढ़ने पर 30 लाख रुपये देने की पेशकश की थी। चुनौती तब दी गई थी जब शास्त्री महाराष्ट्र के नागपुर में एक शिविर आयोजित कर रहे थे।
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