Bihar Election 2025: महागठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय! राहुल गांधी और तेजस्वी यादव करेंगे समझौता

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला फाइनल हो चुका है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस और आरजेडी इस बार 2020 की तुलना में कम सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इसके पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है। आइये जानते हैं पूरा समीकरण क्या है?

Bihar INDIA Bloc Seat Sharing Formula

तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, मुकेश सहनी और पशुपति पारस

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Bihar Election 2025: बिहार चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। दोनों गठबंधन चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है। जेडीयू की अगुवाई वाली एनडीए सरकार फिलहाल नकद राशि हस्तांतरण और शिलान्यास कार्यक्रम के जरिए लोगों को साधने की कवायद में जुटी है। इस बीच तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन में 4 बैठकों के बाद सीट शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल होता नजर आ रहा है। तेजस्वी यादव ने सहनी और पशुपति पारस के लिए कंाग्रेस और वामदलों के बीच सहमति बना ली है।

फॉर्मूले के अनुसार कांग्रेस और आरजेडी इस बार 2020 की तुलना में कम सीटों पर चुनाव लड़ेंगी वहीं सीपीआई माले को पिछली बार की तुलना में इस बार ज्यादा सीटें मिलेंगी। बता दें कि इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर 12 जून को चौथी बैठक तेजस्वी यादव के घर हुई थी। जिसमें तेजस्वी ने सभी पार्टियों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम और सीटों का ब्योरा मांगा था।

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कांग्रेस-माले ने तेजस्वी को सौंपी लिस्ट

मीटिंग में कांग्रेस और सीपीआई माले ने सीटों की संख्या और पसंद से तेजस्वी को अवगत करा दिया है। कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और पार्टी के विधायक दल के नेता शकील खान ने लालू यादव और तेजस्वी से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस ने अपनी सीटों की लिस्ट आरजेडी को दे दी है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने 2020 में जीती हुई 19 सीटों के अलावा 39 सीटों के नाम भी दिए हैं जिस पर वह पिछले साल दूसरे नंबर पर रही। इसके अलावा वामदलों की कुछ सीटों पर भी कांग्रेस ने चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है।

कांग्रेस को मिलेगी परंपरागत सीटें

बता दें कांग्रेस पिछले चुनाव में 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी ऐसे में इस बार उसकी रणनीति इतनी ही सीटों पर चुनाव लड़ने की है। इसके लिए कांग्रेस तर्क दे रही है कि पिछली बार उसने अपनी परंपरागत सीट छोड़ी थी लेकिन इस बार उसे वो सीट चाहिए। पिछली बार की हार पर कांग्रेस ने कहा कि वह इसलिए चुनाव हार गए क्योंकि उन्हें अपनी परंपरागत सीटें सहयोगी दलों को देनी पड़ी थी। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार वामदल कांग्रेस के लिए वे सीटें छोड़ दें।

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इसके अलावा अभी मुकेश सहनी 60 सीटों की डिमांड कर रहे हैं लेकिन तेजस्वी उनको 15 सीटें देने पर सहमत हो सकते हैं। इसके अलावा वाम दलों में सीपीआई माले ने 40 सीटों की डिमांड की है। जबकि सीपीआई और सीपीएम अभी लिस्ट नहीं सौंपी है। ऐसे में अब सवाल यह है कि सीपीआई माले, पशुपति पारस और सहनी को किसके हिस्से की सीटें दी जाएगी।

कुछ ऐसे होगा सीटों का बंटवारा

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस को इस बार तेजस्वी मनपसंद सीटें दे सकते हैं लेकिन उसके बदले में उसे 70 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ने देंगे। तेजस्वी कांग्रेस को 55-60 सीटें देने के मुड में हैं ताकि सहनी और माले को अधिक सीटें दी जा सके। वहीं आरजेडी खुद जो कि पिछली बार 144 सीटों पर चुनाव लड़ी थी वह इस बार 130 से 135 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। ऐेसा इसलिए ताकि सहनी और पशुपति पारस को सम्मानजनक सीटें दी जा सके।

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इस आधार पर मिलेगा टिकट

इसके अलावा तेजस्वी यादव ने इस बार सीटों का बंटवारा जीत के आधार पर करने का किया है। सभी दल जीत की संभावना के आधार पर साथ बैठेंगे और फिर सीटों का बंटवारा करेंगे। फिलहाल तो यह तय हो पाया है कि कौन-कितनी सीट पर लड़ेगा। लेकिन विधानसभा वार बंटवारे के लिए तेजस्वी ने नई रणनीति बनाई है। इसके अनुसार ज्यादा मार्जिन से हार वाली सीटों पर उम्मीदवार बदला जाएगा।

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