Congress MP Imran Masood on SIR: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासत अगल ही लेवल पर चल रही है। वहीं, इस बीच चुनाव आयोग की तरफ से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। बीते दिन SIR को लेकर आयोग ने एक बड़ा अपडेट दिया। आयोग ने बताया कि वोटर लिस्ट में 52.30 लाख मतदाता सही नहीं पाए गए। SIR को लेकर चुनाव आयोग के इस अपडेट की वजह से बिहार में एक बार फिर से बवाल मच गया है। अब बिहार के SIR को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ही शासन करना चाहते हैं और बाकी के 90 प्रतिशत लोगों को गुलाम बन बनाना चाहते हैं।
पैदा हो रहा है शक
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पहले बिहार के SIR प्रक्रिया पर चिंता जताई और फिर इसको लेकर सवाल उठाया। मसूद ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास किस तरह का फॉर्मूला या टेक्नोलॉजी है, जिसकी मदद से आयोग सिर्फ एक महीने में SIR प्रक्रिया पूरी करने में कामयाब रहा? इससे शक पैदा हो रहा है। उनका उद्देश्य वोटर लिस्ट से आदिवासियों, दलितों, पिछड़े वर्गों और मुसलमानों के नाम हटाकर उन्हें उनके मताधिकार से वंचित रखना है।
90% लोग गुलाम बन जाएं…
इसके साथ ही इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग देश को एक ऐसी व्यवस्था की तरफ ले जाना चाहते हैं जहां सिर्फ 10 प्रतिशत लोग शासन करें और 90 प्रतिशत लोग गुलाम बन जाएं। लेकिन हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए आखिर तक लड़ते रहेंगे।
बता दें कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य भी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में जदयू सांसद गिरिधारी यादव ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि SIR को हम पर जबरदस्ती थोपा गया है।