बिहार में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जहां एक महिला को सड़क पर भीड़ ने इस शक के आधार पर यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया कि उसका किसी के साथ अवैध संबंध है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में कुछ लोग महिला के साथ छेड़छाड़ करते और उसे घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह घटना 26 मार्च को नालंदा जिले के अजयपुर गांव में हुई. इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

उस भयानक अनुभव को याद करते हुए, तीन बच्चों की मां ने बताया कि वह अपना मोबाइल रिचार्ज करवाने गई थी, तभी गांव वालों ने उसे मोबाइल रिपेयर करने वाले टेक्नीशियन के साथ देख लिया और उन्हें शक हो गया कि उन दोनों के बीच कोई प्रेम-संबंध है.

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उसने NDTV को बताया कि जल्द ही वहां भीड़ जमा हो गई और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया. महिला ने कहा, 'मेरे अपने ही समुदाय के लोग वहां आ गए, जिसके बाद मुझे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा.'

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महिला ने कहा, 'गांव वालों ने मुझे परेशान किया.' वीडियो में दिखाया गया कि उसके साथ जोर-जबरदस्ती की गई और उसे सड़क पर घसीटा गया.

उसने दावा किया कि जब वह दुकान की खिड़की से बाहर निकलने में कामयाब हो गई, तो गांव वालों ने उस पर हमला किया और जबरदस्ती उसके माथे पर सिंदूर लगाने की कोशिश की.

महिला ने आगे कहा, 'खिड़की एक ईंट से बंद थी. मैंने उसे हटाया और बाहर निकल आई. जैसे ही मैं बाहर निकली, लोगों ने मुझे पीटा और मेरा गला घोंटने की कोशिश की. कुछ लोगों ने मुझ पर शादी करने का दबाव डाला और जबरदस्ती मेरे माथे पर सिंदूर लगाने की कोशिश की. मैं रोती रही और उनसे मिन्नतें करती रही कि मैं शादी नहीं कर सकती.'

वह किसी तरह उस जगह से बच निकली और पुलिस को घटना की जानकारी दी.

मिली जानकारी के अनुसार, यह महिला गांव में अपनी सास और तीन बच्चों के साथ रहती है. उसका पति पुणे में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता है और उस समय घर पर नहीं था. घटना की जानकारी मिलते ही वह तुरंत नालंदा लौट आया.

जैसे ही घटना का वीडियो वायरल हुआ, पुलिस हरकत में आ गई. पुलिस उपाधीक्षक (DSP) संजय जायसवाल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम महिला के घर पहुंची और उसके परिवार से मिली.

पुलिस ने बताया कि महिला ने घटना वाले दिन ही शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने आगे कहा कि अशोक यादव और मतलू महतो हिरासत में हैं, जबकि वीडियो में दिखे अन्य लोगों की तलाश जारी है.

DSP जायसवाल ने कहा, 'हम अभी इस मामले की जांच कर रहे हैं. अब तक हमने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, और तीसरे नामजद आरोपी को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.'

पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि परिवार को किसी तरह की धमकी न मिले.

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना की निंदा की और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा.

उन्होंने आरोप लगाया, 'यह सामूहिक बलात्कार का प्रयास था, जिन लोगों ने महिला के साथ दुर्व्यवहार किया, उन्होंने उसके कपड़े फाड़ दिए. यह बिहार में ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था की एक डरावनी तस्वीर पेश करता है.'