बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए राजधानी पटना से बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने चौथे चरण की शिक्षक बहाली यानी BPSC TRE-4 परीक्षा के पैटर्न को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब अभ्यर्थियों को पीटी (PT) और मेंस (Mains) की दो अलग-अलग परीक्षाएं नहीं देनी होंगी. आयोग यह परीक्षा पहले की तरह सिर्फ एक ही चरण में आयोजित करेगा. इस बड़े फैसले की जानकारी खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा कर दी. उन्होंने बताया कि सरकार छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है.
पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार के बाद सरकार और छात्र नेताओं के बीच कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन गई है.
सीएम सम्राट चौधरी ने की घोषणा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि सरकार शुरू से ही युवाओं और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर गंभीर रही है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि TRE-4 परीक्षा एकल चरण में ही होगी. इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं. इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार के लिए पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक 'विशेषज्ञ समिति' गठित की गई है, जो छात्रों की शिकायतों की सुनवाई करेगी. साथ ही समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' और 'सहयोग शिविर' की भी व्यवस्था की गई है. इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है. सरकार छात्रों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव प्रतिबद्ध है.
---विज्ञापन---
इन 10 अहम बिंदुओं पर बनी सहमति
- एकल परीक्षा: BPSC TRE-4 में अलग से पीटी और मेंस नहीं होगा, केवल एक परीक्षा होगी.
- समय पर परीक्षाएं: BPSC की सभी परीक्षाएं तय कैलेंडर के अनुसार समयबद्ध होंगी.
- जांच और BET: 1799 दारोगा भर्ती जांच और असिस्टेंट प्रोफेसर से पहले बिहार पात्रता परीक्षा (BET) पर सुधार कमेटी निर्णय लेगी.
- लाइब्रेरियन भर्ती: लाइब्रेरियन बहाली प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.
- संविदा कोटा: संविदा कर्मियों को वेटेज देने के लिए अलग कोटे पर हाईलेवल कमेटी विचार करेगी.
- डोमिसाइल नीति: सभी भर्तियों में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी.
- उम्र सीमा में छूट: अधिकतम उम्र सीमा का मामला परीक्षा सुधार कमेटी के समक्ष रखा जाएगा.
- परीक्षा कैलेंडर: सभी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर सख्ती से लागू होगा.
- पारदर्शिता: पेपर, ओएमआर और आंसर की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी.
- पेपर लीक जांच: AEDO, सेनेटरी आदि परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच EOU करेगी.
छात्र संगठनों से वार्ता के बाद बनी बात
बीते कुछ दिनों से अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा को दो चरणों में कराने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे और इसे एक ही परीक्षा के रूप में आयोजित करने की मांग पर अड़े थे. छात्रों की चिंताओं और मांगों को देखते हुए गुरुवार को शासन स्तर पर छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक हुई. इस बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों पर सहमति बनी और सरकार ने दो परीक्षाओं के नियम को वापस ले लिया. सरकार के इस फैसले से पटना समेत पूरे प्रदेश में तैयारी कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है और फैसले का स्वागत किया है. एकल परीक्षा होने से भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और लाखों युवाओं का शिक्षक बनने का सपना जल्द पूरा हो सकेगा.
---विज्ञापन---