Bihar Education Minister Chadra shekhar Barb on Ram mandir: अयोध्या में 22 जनवरी को पीएम मोदी राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने वाले हैं। इसको लेकर अयोध्या समेत पूरे देश में उत्साह और खुशी का माहौल है। भाजपा से जुड़े अनुषंगिक संगठनों के कार्यकर्ता 4 करोड़ घरों तक अभिमंत्रित अक्षत पहुंचाने में जुटे हैं। तो वहीं दूसरी और तमाम विपक्षी दलों के बड़े नेताओं को मंदिर के उद्घाटन के लिए आमंत्रण पत्र दिए गए हैं। इस बीच कुछ नेताओं के विवादित बयान भी लगातार सामने आ रहे हैं।
ताजा मामला बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में मंदिरों से ज्यादा जरूरत स्कूलों की है। उनके बयान के बाद भाजपा चंद्रशेखर पर हमलावर हो गई। सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि देश को कैप्टन अब्दुल हमीद जैसे लोगों की जरूरत है। न कि अफजल गुरु और मोहम्मद अली जिन्ना की।
उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर सांस्कृतिक स्वतंत्रता का मार्ग है। मुझे समझ नहीं आता कि भगवान राम और राम मंदिर से उनकी क्या दुश्मनी है। वे बार-बार इसका विरोध क्यों कर रहे हैं। उनकी विरोध और नीतियां देखकर लग रहा है कि वे बाबर और अफजल गुरु की मुर्तियां बनाएंगे और फिर उसकी पूजा करेंगे।
मंदिरों से ज्यादा स्कूलों की जरूरत
नित्यानंद यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि इस देश को अशफाकउल्लाह खान और कैप्टन हामिद की जरूरत है। इस देश को भगवान राम के अखंड भारत की आवश्यकता है। इससे पहले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा था कि देश में मंदिरों से ज्यादा जरूरत स्कूलों की है। उन्होंने एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अगर बीमार पड़ेंगे तो कहा जाएंगे अस्पताल या मंदिर। आप शिक्ष प्राप्त करने कहां जाएंगे स्कूल या मंदिर।
मंदिर शोषण स्थल बन गए हैं- चंद्रशेखर
कार्यक्रम में चंद्रशेखर के अलावा राजद विधायक फतेह बहादुर सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हमें छ्दम हिंदुत्व और छद्म राष्ट्रवाद से सावधान रहना होगा। विधायक ने कहा कि यह सभी बातें सावित्री बाई फुले ने भी की थी। चंद्रशेखर ने आगे कहा कि जब भगवान राम हम सभी में हैं और हर जगह निवास करते हैं। आप उन्हें खोजने के लिए कहां जाएंगे। चंद्रशेखर ने मंदिरों की तुलना शोषण स्थल से करते हुए कहा कि कुछ स्थान आरक्षित है लेकिन इसका उपयोग समाज के कुछ षड्यंत्रकारी जेबें भरने के लिए करते हैं।