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9 साल पहले ही बिहार को मिल गया था 35% महिला आरक्षण, जानिए नीतीश सरकार ने अब क्यों बदला अपना पुराना फैसला?

Bihar Vidhansabha chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने महिलाओं की जगह महिला मतदाताओं के लिए योजनाएं बनानी शुरू कर दीं हैं। बिहार में साल 2016 में ही महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण मिल चुका था। फिर ऐसा क्या हुआ जो नीतीश कुमार को मंगवार को अपना ही आदेश में बदलाव करना पड़ा। पढ़िए नई दिल्ली से राघव तिवारी की रिपोर्ट।

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Bihar Vidhansabha Chunav 2025: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए मंगलवार को नीतीश सरकार ने सिर्फ महिलाओं को जगह महिला मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की। आदेश में साफ लिखा कि बिहार राज्य की सभी सरकारी सेवाओं, संवर्गों के सभी स्तर के एवं सभी प्रकार के पदों पर सीधी नियुक्तियों में राज्य की मूल निवासी महिला अभ्यर्थियों को ही 35% क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। जबकि 9 साल पहले नीतीश सरकार ने ऐसा ही एक आदेश जारी किया था। जिसमें सभी महिलाएं बिहार में महिला आरक्षण का लाभ उठा सकती थीं। इसका काफी विरोध हुआ। इसके बाद रविवार को नीतीश कुमार ने अपना ही फैसला बदल दिया।

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पहले महिलाओं पर अब सिर्फ महिला मतादातओं पर फोकस

राजनीतिक मामलों के जानकार अजय तिवारी ने बताया कि सीएम नीतीश कुमार ने साल 2016 की कैबिनेट बैठक में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया था। इस आदेश में राज्य के अलावा अन्य राज्य की महिलाएं भी बिहार में आकर महिला आरक्षण का लाभ उठा सकती थीं। मतलब इस आदेश का फायदा पूरी महिला समाज को हो रहा था। बिहार के लोगों ने कई दिनों तक इसका विरोध किया। 9 साल बाद शायद नीतीश कुमार को समझ आया कि चुनाव में मूल निवासी महिलाएं ही मतदान करेंगी। इसके चलते अब नीतीश कुमार ने मंगलवार की बैठक में तय किया कि महिलाओं मिलने वाला 35% आरक्षण अब केवल राज्य की मूल निवासी महिलाओं को ही मिलेगी। अन्य राज्य की महिलाएं सामान्य कोटे से भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकेंगी।

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… और कब-कब महिलाओं के हक में हुए फैसले?

साल 1992 में राज्य सरकार ने सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए लगातार दो दिन की मासिक धर्म छुट्टी देना शुरू किया। साल 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित करने वाला बिहार पहला राज्य बना। साल 2013 में राज्य सरकार ने सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया। साथ ही पुलिस भर्ती में भी उनके लिए 35% सीटें आरक्षित की गईं। इसके बाद 35% आरक्षण बढ़ाकर सभी सरकारी नौकरियों के लिए कर दिया गया।

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