Bihar Election 2025: बिहार में चुनावी माहौल है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा और संसद में वोट चोरी पर हंगामे से यह तो तय माना जा रहा है कि महागठबंधन बिहार चुनाव में वोट चोरी को ही मुद्दा बनाएगी। अभी तक बीजेपी गठबंधन ने अपना मुद्दा साफ नहीं किया था लेकिन अब इंतजार खत्म हो गया है। साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना एजेंडा तय कर लिया है। केंद्र सरकार ने जीएसटी रिफॉर्म के तह जीएसटी दरों में आमूलचूल परिवर्तन किया है। अब बीजेपी बिहार चुनाव में इसे ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। विशेषज्ञों की मानें तो बीजेपी का एजेंडा विपक्ष के वोट चोरी मुद्दे पर भारी पड़ने वाला है। बीजेपी का ये पूरा अभियान मध्यम वर्ग को राहत और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों के दाम घटने पर फोकस रहेगा।
बीजेपी पूरे प्रदेश में करेगी प्रचार
बीजेपी का दावा है कि केंद्र सरकार ने महंगाई कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बीजेपी जीएसटी रिफॉर्म की उपलब्धि को राज्यभर में जनता तक पहुंचाया जाएगी। इसके लिए बीजेपी बिहार में जगह-जगह सम्मेलन और सेमिनार आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों में पार्टी के नेता जीएसटी रेट कटौती का फायदा गिनाएंगे।
केंद्रीय मंत्री भी लेंगे भाग
बिहार में बीजेपी राज्यभर में जीएसटी रिफॉर्म का प्रचार करेगी। इस मिशन में केंद्रीय मंत्री भी भाग लेंगे। जनसभाओं में केंद्रीय मंत्री इसकी चर्चा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि पार्टी का उद्देश्य है कि मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग में विश्वास का संदेश जाए।
प्रो-मिडिल क्लास छवि को मजबूत करने की कोशिश
बीजेपी जीएसटी रिफॉर्म को जनता की जेब में राहत देने वाला सुधार बताने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसे हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। बीजेपी को भरोसा है कि यह आर्थिक सुधार चुनावी लाभ में बदलेगा। बीजेपी की योजना है कि जीएसटी रिफॉर्म महंगाई और रोजगार पर विपक्ष के हमलों का जवाब बने। इसके पीछे का मकसद केंद्र सरकार की ‘प्रो-मिडिल क्लास’ छवि को मजबूत करना भी है।