बेगूसराय में आज भी उस जगह पर मौजूद है अखण्ड भारत का एक ऐसा प्राचीन मां दुर्गा मंदिर, आदिकाल में राजस्थान से आ कर बसे इंटरनेशनल व्यवसाई तान सिंह, पान सिंह और साथ में आए पूरोहित ब्राम्हण हीरा झा द्वारा प्रवास दौरान की गई थी स्थापना. आजादी से सैकड़ों वर्ष पूर्व यह जगह जल- मार्ग व्यवसाई दृष्टिकोण से इंटरनेट प्लेटफार्म था. यहां से व्यवसाई बंगलादेश के ढाका तक नाव से करते थे व्यापार. महीने में दो बार चलती थी रायबहादुर स्टेट की सैकड़ों मन ट्रांसपोर्ट वाली 2 नावें.. दरभंगा महाराज के बाद आज भी उनकी विरासतें देश के लगभग कोने में है मौजूद.
इस दौरान नदी समीप अवस्थित मां दुर्गा का दर्शन देश-विदेश से करने आते थे व्यवसाई व अन्य लोग, दरअसल यह जगह बेगूसराय मुख्यालय से महस 32 किमी दूर बखरी स्थित अवस्थित परिहारा पंचायत के बूढी गंढक समीप है. जहां आज भी दर्शन को दूर-दूर से हजारों लाखों की संख्या में श्रद्धालु की उमरती है भीड़. यहां आते ही लोगों की उसी समय मुरादें होती हैं पूरी. ग़लत मनसा रखने वाले को माता सेकण्ड भर में देती फला-फल. आज भी दूर्गा पूजा में लोग मंदिर दर्शन के बाद उस नदी की एक झलक को करते दीदार. और अब ऐसे ऐतिहासिक जगहों को पर्यटक स्थल घोषित करने की लोगों में हो रही यलगार.
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