Bihar Assembly Election: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण के मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. रविवार को वोटिंग से 48 घंटे पहले ही चुनावी जनसभाओं पर भी रोक लगा दी गई है. अब कोई भी राजनीतिक पार्टी मतदान से पहले कोई सार्वजनिक रैली नहीं कर सकती. बिहार के 20 जिलों की 122 सीटों पर होने वाले आखिरी चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा. इस दिन 3 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर 1320 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे. हाल ही में इन उम्मीदवारों को लेकर चुनाव निगरानी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया.
एक-तिहाई प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज
ADR की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे चरण के लिए खड़े 1320 उम्मीदवारों में लगभग एक-तिहाई प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि एडीआर द्वारा वैरिफाई किए गए 1,297 उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों में से 415 (32%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके अलावा 341 (26%) पर हत्या, अपहरण, मारपीट और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप हैं. गंभीर अपराधों की श्रेणी में पांच साल या उससे अधिक कारावास की सजा वाले और गैर-जमानती अपराध शामिल हैं. शिक्षा की बात करें तो 48% उम्मीदवार ग्रैजुएट पास हैं, जबकि 9 प्रत्याशियों के पास कोई भी डिग्री नहीं है.
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इतने प्रत्याशियों के खिलाफ दर्ज हैं हत्या से संबंधित मामले
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 19 उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में हत्या से संबंधित मामलों की जानकारी दी है, जबकि 79 ने हत्या के प्रयास के मामले दर्ज होने की सूचना दी है. आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन एनडीए उम्मीदवारों के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया. वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए रैलियां की. दूसरे चरण में बिहार की 3 सीटें ऐसी हैं जहां सबसे ज्यादा 22-22 उम्मीदवार एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं. इनमें चैनपुर, सासाराम और गया शहर शामिल है. वहीं, कई ऐसी भी सीटें है, जहां सबसे कम 5-5 उम्मीदवार ही मैदान में हैं. 11 नवंबर को वोटिंग के लिए 45399 बूथ तैयार किए गए हैं.
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