HS Prannoy Leaving Kerala: चीन के हांगझोउ में हाल ही में एशियाई खेलों का आयोजन हुआ था। बैडमिंटन में भारत के लिए मेन्स सिंगल्स में एचएस प्रणय ने ब्रॉन्ज और टीम इवेंट में सिल्वर जीता था। लेकिन इस खिलाड़ी को राज्य सरकार या फिर केरल बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा एक कॉल तक नहीं किया गया। ऐसा ही वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में उनके द्वारा मेडल जीतने पर भी हुआ था। सिर्फ प्रणय ही नहीं ट्रिपल जंप एथलीट एल्डहोस पॉल और अब्दुल्लाह अबूबेकर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिसके बाद अब इन खिलाड़ियों ने राज्य छोड़ने का कदम उठा लिया है।
गोवा में होने वाले नेशनल गेम्स से पहले इन तीन स्टार एथलीट ने यह निर्णय लिया है। पिछले साल बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी इन खिलाड़ियों को मेडल जीतने के बाद एक बधाई संदेश तक नहीं दिया गया था। ऐसा तब हो रहा है जब अन्य राज्य की सरकारें अपने खिलाड़ियों को मेडल जीतने पर सम्मानित कर रही हैं, उन्हें कैश प्राइज दे रही हैं। पर केरल के खिलाड़ियों की बेकदरी हो रही है। इस कारण इन खिलाड़ियों ने यह कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।
प्रणय को मिली राज्य छोड़ने की NOC
स्टार शटलर एचएस प्रणय को राज्य छोड़ने की अनुमति भी मिल गई है। इस मामले पर विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने केरल के सीएम पिनरई विजयन और राज्य के खेल मंत्री वी अदबदूरहीमन को पत्र लिखा। इस पत्र में सतीशन ने कहा कि, राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को इस तरह इग्नोर करना बर्दाश्त के लायक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मेडल जीते हैं उन्हें सरकार द्वारा पुरस्कार और नौकरियां ऑफर की गईं। पर अभी तक खिलाड़ी इसके इंतजार में हैं। उन्होंने इस मामले में तत्काल सरकार द्वारा कार्रवाई की मांग की और खिलाड़ियों को राज्य छोड़ने से रोकने के लिए कहा।
इस मामले पर रिप्लाई करते हुए खेल मंत्री ने फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर लिखा कि, सरकार द्वारा एचएस प्रणय को वित्तीय मदद की गई थी। उन्होंने कहा कि, ट्रेनिंग के लिए भारतीय शटलर को फाइनेनशियल सपोर्ट मिला। साथ ही जब वह थॉमस कप जीतकर आए तो उन्हें 5 लाख रुपए भी दिए गए थे। अब सच क्या है यह सरकार और प्रणय ही जानते हैं। फिलहाल इन खिलाड़ियों ने राज्य को छोड़ने का मन बना लिया है।