नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धुरंधर खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग समेत तीन पूर्व क्रिकेटरों को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में जगह मिली है। खास लिस्ट में सहवाग के अलावा देश की पूर्व महिला क्रिकेटर डायना एडुल्जी को भी शामिल किया गया। इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा श्रीलंकाई पूर्व कप्तान अरविंदा डी सिल्वा को भी खास सम्मान से नवाजा गया है।
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय खिलाड़ियों को आईसीसी के खास सम्मान से नवाजा गया है। सहवाग और एडुल्जी से पहले खेल जगत में ‘क्रिकेट के भगवान’ के रूप में मशहूर सचिन तेंदुलकर और मौजूदा समय में भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियो को भी इस खास सम्मान से नवाजा जा चुका है।
कब मिलता है किसी खिलाड़ी को आईसीसी हॉल ऑफ फेम?
आईसीसी के नियम के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी को यह सम्मान इंटरनेशनल क्रिकेट में संन्यास लेने के करीब सात साल बाद मिलता है। यही वजह है कि सहवाग को इस सम्मान को पाने के लिए एक लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा है।
खास सम्मान पाने वाली एडुल्जी बनी पहली महिला क्रिकेटर:
डायना एडुल्जी आईसीसी हॉल ऑफ फेम से नवाजी जाने वाली देश की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। 2023 से पहले भारत के सात खिलाड़ियों को यह खास उपलब्धि मिली थी, लेकिन लिस्ट में अब सहवाग और एडुल्जी का भी नाम जुड़ गया है। आईसीसी हॉल ऑफ फेम के खिताब से नवाजे जाने वाले सहवाग आठवें और एडुल्जी नौवीं भारतीय खिलाड़ी हैं।